Seraikela Kharsawan News : द्वापर युग में अर्जुन ने की थी भीमखंदा शिवलिंग की पूजा
Published by :AKASH
Published at :14 Jul 2025 11:47 PM (IST)
विज्ञापन

राजनगर प्रखंड के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध मुंडाकाठी गांव स्थित बोंगबोंगा नदी के किनारे भीमखांदा शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए सावन में भक्तों की भीड़ उमड़ती है.
विज्ञापन
हाता/राजनगर.
राजनगर प्रखंड के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध मुंडाकाठी गांव स्थित बोंगबोंगा नदी के किनारे भीमखांदा शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए सावन में भक्तों की भीड़ उमड़ती है. सावन में राजनगर व आसपास क्षेत्र के अलावे पड़ोसी राज्य ओडिशा से भी भक्त कांवर लेकर यहां पहुंचते हैं और महादेव पर जल अर्पित करते हैं. भीमखंदा महादेव को द्वापर युग से ही स्थापित माना जाता है. यहां पर महाभारत के सबसे महान धनुर्धर अर्जुन ने शिवलिंग की स्थापना कर पूजा की थी. मान्यता है कि द्वापर युग में जब पांडव अज्ञातवास में थे तब खंड प्रदेश के बोंगबोंगा नदी तट पर पहुंच कर उन्होंने विश्राम किया था. इस दौरान गदाधारी भीम ने चूल्हे का निर्माण कर भोजन बनाया था. तभी से यह स्थल भीमखंदा के नाम से जाना जाता है. खंदा मतलब चूल्हा होता है. यहां विराजमान भगवान महादेव भीमखंदा महादेव के नाम से जाने जाते हैं.भीमखंदा ट्रस्ट द्वारा की गयी है विशेष व्यवस्था
: सावन में यहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है. भीड को देखते हुए भीमखंदा सेवा ट्रस्ट ने बांस से घेराबंदी की है. साथ ही महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग आने-जाने की व्यवस्था है. यह शिवलिंग द्वापर युग का है. मान्यता है कि पांडवों के अज्ञातवास के दौरान अर्जुन ने यहां तपस्या कर भगवान शिव को प्रसन्न किया था. उनके आशीर्वाद से दिव्य अस्त्र प्राप्त किया. आज भी सावन के महीने में यहां हर साल हजारों श्रद्धालु आते हैं. –विजय कुमार पति
, पुजारीडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




