सूरज बेसरा की मौत का मामला

Updated at : 26 Apr 2018 5:15 AM (IST)
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सूरज बेसरा की मौत का मामला

तीन दिन बाद भी सूरज बेसरा की मौत पर रहस्य का परदा जांच आगे बढ़ाने के लिए पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार सरायकेला : बाल विकास शिक्षा निकेतन के छात्र सूरज बेसरा की संदिग्ध मौत का मामला पुलिस के लिए पहेली बन कर रह गया है. घटना के 72 घंटे बाद भी पुलिसिया जांच […]

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तीन दिन बाद भी सूरज बेसरा की मौत पर रहस्य का परदा

जांच आगे बढ़ाने के लिए पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
सरायकेला : बाल विकास शिक्षा निकेतन के छात्र सूरज बेसरा की संदिग्ध मौत का मामला पुलिस के लिए पहेली बन कर रह गया है. घटना के 72 घंटे बाद भी पुलिसिया जांच इस बिंदु तक भी नहीं पहुंच पायी है कि घटना हत्या की है या आत्महत्या की. पुलिस इस मामले को सुलझाने के लिए छात्र के पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. घटना के चौथे दिन प्रशिक्षु डीएसपी सुमित सौरभ लकड़ा ने स्कूल पहुंचकर कमरे समेत पूरे स्कूल की जांच करते हुए स्कूल प्रबंधन व मृत सूरज बेसरा के सहपाठियों से पूछताछ कर जानकारियां हासिल की. उन्होंने स्कूली बच्चों से घटना कैसे घटी, इसकी विस्तार से जानकारी ली.
बाल विकास शिक्षा निकेतन आवासीय विद्यालय के जिस कमरे में छात्र सूरज बेसरा की संदिग्ध हालात में मौत हुई, उसका दरवाजा खुला हुआ था. दरवाजे में सिर्फ रस्सी बंधा था. बुधवार को प्रशिक्षु डीएसपी सुमित सौरभ लकड़ा जब जांच को पहुंचे तो कमरे के बाहर दरवाजे पर रस्सी बंधी थी और एक दरवाजे पर कुंडी नहीं है. घटना वाले कमरे को पुलिस द्वारा सील नहीं किया जाना लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है. जांच के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए श्री लकड़ा ने बताया कि छात्र की आत्महत्या के मामले में पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है. जांच के क्रम में स्कूल प्रबंधन व बच्चों से पूछताछ की गयी, जिसकी रिपोर्ट वरीय पदाधिकारी को सौंपी जाएगी.
नियमों को ताक पर रख चल रहा आवासीय स्कूल :बाल विकास शिक्षा निकेतन आवासीय स्कूल का संचालन वर्षों से नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है. आवासीय स्कूल में बगैर सुरक्षा के छात्र – छात्राओं को एक ही आवासीय फ्लैट में रखा जाता है. यहां पांच वर्ष तक के बच्चों को भी छात्रावास में रखा जाता है, जो नियमों के विरुद्ध है. छात्रावास में पांच वर्ष उम्र के बच्चों की देखरेख के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं है. छात्रावास में कोई दाई या आया नहीं है. ऐसे में बच्चे कैसे अपने दैनिक कार्य करते हैं, यह भी जांच का विषय है. छात्रावास में स्वच्छता का भी घोर अभाव है.
वर्ष 2014 के डेट का है अग्निशमन यंत्र
छात्रावास में लगभग 750 छात्र छात्राएं हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं है. छात्रावास में लगा अग्निशमन यंत्र, जो 2014 की फिलिंग तिथि का है. छात्रावास में लगे अग्निशमन यंत्र में वर्ष 2014 अंकित है, जिसके बाद मेंटेनेंस की तिथि भी नहीं है.
शिक्षा विभाग की नाक के नीचे चल रहा है अवैध स्कूल : बाल विकास शिक्षा निकेतन स्कूल विगत कई वर्षों से संचालित हो रहा है. शिक्षा विभाग की नाक के नीचे अवैध रूप से चलने के बावजूद अब तक उस पर जिला प्रशासन की नजर नहीं पड़ी है या विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने से कतराते हैं.
एक ओर शिक्षा सचिव ने जिला प्रशासन को अवैध रूप से संचालित विद्यालयों व छात्रावासों पर कार्रवाई करने का निर्देश जारी कर रखा है, जिसमें निजी विद्यालयों को सभी निर्धारित मापदंडों को पूरा नहीं करने पर विभागीय कार्रवाई करने का प्रावधान है. इसके बावजूद जिला प्रशासन प्राइवेट स्कूलों पर नकेल नहीं कस पा रहा है.
72 घंटे बाद भी जांच ‘हत्या या आत्महत्या’ की गुत्थी पर अटकी
सीसीटीवी फुटेज से मिल सकती है अहम जानकारी
बाल विकास शिक्षा निकेतन छात्रावास में दूसरे तल्ले के जिस कमरे में छात्र सूरज बेसरा मृत मिला, उसके बरामदे में सीसीटीवी कैमरा लगा है. सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर पुलिस जांच के बिंदु पर पहुंच सकती है कि सूरज के आत्महत्या करने के आसपास उस कमरे में किसी ने प्रवेश किया था या नहीं, लेकिन घटना के वक्त कैमरा चालू था या नहीं, यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा.
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