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कौन हैं चंपई सोरेन? झारखंड आंदोलन के जरिए राजनीति में की थी एंट्री

Updated at : 31 Jan 2024 9:23 PM (IST)
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कौन हैं चंपई सोरेन? झारखंड आंदोलन के जरिए राजनीति में की थी एंट्री

सरायकेला के विधायक चंपई सोरेन झारखंड के नए सीएम होंगे. उन्हें विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. 90 के दशक में अलग झारखंड राज्य आंदोलन के जरिए चंपई सोरेन ने राजनीति में कदम रखा था. झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन व कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के काफी करीबी माने जाते हैं.

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सरायकेला, शचिंद्र कुमार दाश/प्रताप मिश्रा: चंपई सोरेन झारखंड के नए सीएम होंगे. उन्हें विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. सरायकेला के विधायक चंपई सोरेन का राजनीतिक सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा है. 90 के दशक में अलग झारखंड राज्य आंदोलन के जरिए चंपई सोरेन ने राजनीति में कदम रखा था. वर्ष 1991 से 2019 तक सरायकेला विधानसभा क्षेत्र के लिए हुए विधानसभा चुनावों में एक टर्म को छोड़कर उन्होंने सभी चुनावों में जीत दर्ज की है. सरायकेला विधानसभा क्षेत्र से चंपई सोरेन ने अब तक छह बार जीत दर्ज की है, जबकि उन्हें वर्ष 2000 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. चंपई सोरेन कोल्हान में झारखंड टाइगर के नाम से फेमस हैं. झामुमो के केंद्रीय उपाध्यक्ष हैं. पूर्व में वह पार्टी में महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों को संभाल चुके हैं. चंपई सोरेन को राजनीति का लंबा अनुभव है. झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन व कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के काफी करीबी माने जाते हैं.

निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पहली बार जीते थे विधानसभा चुनाव

चंपई सोरेन पहली बार वर्ष 1991 के सरायकेला विस क्षेत्र से उपचुनाव में बतौर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज कर विधायक बने थे. इस चुनाव में चंपई सोरेन ने सिंहभूम के तत्कालीन सांसद कृष्णा मार्डी की पत्नी मोती मार्डी को हराया था. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वर्ष 1995 के विस चुनाव में झामुमो के टिकट पर चुनाव लड़ कर भाजपा के पंचु टुडू को हराकर फिर से विधायक बने थे. वर्ष 2000 के विधानसभा चुनाव में भाजपा लहर के कराण अनंत राम टुडू के हाथों पहली बार चंपई सोरेन को हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद वर्ष 2005 में चंपई सोरेन ने भाजपा के लक्ष्मण टुडू को 880 वोट के अंतर से जीत दर्ज की. 2009 के चुनाव में भी भाजपा के लक्ष्मण टुडू को 3200 वोट से हरा कर जीत दर्ज की. वर्ष 2014 के विस चुनाव में 1100 तथा 2019 के विस चुनाव में करीब 16 हजार वोट से जीत दर्ज कर विस पहुंचे.

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झारखंड में तीन बार रहे मंत्री

वर्ष 2020 में चंपई सोरेन झारखंड में तीसरी बार मंत्री बने. पहली बार वर्ष 2010 में भाजपा-झामुमो गठबंधन वाली अर्जुन मुंडा की सरकार में कैबिनेट मंत्री बने थे. इसके बाद वर्ष 2013 में झामुमो-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनी तो इन्हें फिर से मंत्री पद मिला और तीन विभाग उद्योग, परिवहन और आदिवासी कल्याण मंत्रालय के मंत्री रहे. वर्ष 2019 में राज्य में झामुमो-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनी तो हेमंत सोरेन की सरकार में 28 जनवरी 2020 को चंपई सोरेन को फिर एक बार मंत्री बनाया गया. इस बार चंपई सोरेन को जनजाति कल्याण व परिवहन मंत्रालय मिला.

चंपई सोरेन की प्रोफाइल

नाम : चंपई सोरेन

पिता : स्व सिमल सोरेन

पत्नी : स्व माको सोरेन

पुत्र : चार, पुत्री : तीन

पार्टी : झामुमो

विधान सभा क्षेत्र : सरायकेला

स्थायी पता: ग्राम: जिलींगगोडा, पोस्ट: डूंडरा, प्रखंड: गम्हरिया, जिला सरायकेला-खरसावां

उम्र : 69 वर्ष

शिक्षा : मैट्रिक

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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