बाल विवाह के खिलाफ आगे आयेंगे धर्मगुरु

Updated at : 30 Apr 2025 9:10 PM (IST)
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बाल विवाह के खिलाफ आगे आयेंगे धर्मगुरु

बनायेंगे बाल विवाह मुक्त क्षेत्र

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राजमहल/मंगलहाट . राजमहल प्रखंड क्षेत्र के कन्हैयास्थान स्थित कन्हाई नाट्यशाला इस्कॉन मंदिर एवं मंगलहाट के आसपास के मंदिरों एवं पुरोहितों के गांवों में बुधवार को बाल अधिकार की सुरक्षा और बाल विवाह की रोकथाम को लेकर मंथन संस्थान ने धर्मगुरुओं के बीच जागरूकता अभियान चलाया. मौके पर मंथन संस्थान के सीएम डब्ल्यू अंशु मालाकार ने कहा कि अभी भी देश में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता की कमी है. अधिकांश लोगों को यह पता नहीं है कि बाल विवाह निषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 के तहत दंडनीय अपराध है. इसमें किसी भी रूप में शामिल होने या सेवा देने पर दो वर्ष की सजा व जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. इसमें बाराती और लड़की के पक्ष के लोगों के अलावा कैटरर, साज-सज्जा करने वाले डेकोरेटर, हलवाई, माली, बैंड बाजा वाले, मैरेज हॉल के मालिक और विवाह संपन्न कराने वाले पंडित (पुरोहित) और मौलवी को भी अपराध में संलिप्त माना जायेगा. उन्हें सजा व जुर्माना हो सकता है. उन्होंने कहा कि धर्मगुरुओं और पुरोहित वर्ग के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. बताया गया कि बाल विवाह और कुछ नहीं बल्कि बच्चों के साथ बलात्कार है. 18 वर्ष से कम उम्र की किसी बच्ची से वैवाहिक संबंधों में भी यौन संबंध बनाने, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत बलात्कार है. पुरोहितों भी बाल विवाह नहीं होने देने का भी शपथ लिया है. मौके पर मंदिर प्रबंधक कृष्ण कृपा सिंधु, दिलीप यादव, शंकर मंडल अन्य गांव के लोग उपस्थित थे.

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