पलासगाछी-पियारपुर फेरी सेवा घाट में नियमों का उल्लंघन, क्षमता से अधिक परिवहन, लाइफबोट और अन्य सुरक्षा उपकरणों का अभाव

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पलासगाछी-पियारपुर फेरी सेवा घाट में नियमों का उल्लंघन, क्षमता से अधिक परिवहन, लाइफबोट और अन्य सुरक्षा उपकरणों का अभाव

चार दिनों पहले बीच नदी में नाव में छेद होने से मची थी अफरातफरी, संभावित दुर्घटना से निबटने के लिए नहीं है कोई व्यवस्था

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उधवा

प्रखंड के सीमावर्ती क्षेत्र प्राणपुर घाट से पंचानंदपुर घाट (पश्चिम बंगाल) तक संचालित नाव फेरी सेवा में गंभीर लापरवाही सामने आ रही है. घाट संचालक यात्रियों की सुरक्षा की अनदेखी कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार यह फेरी सेवा प्रतिदिन चार बार संचालित होती है. प्राणपुर घाट से सुबह 7 बजे, 9 बजे, 11 बजे और दोपहर 3 बजे नाव जाती है, जबकि पंचानंदपुर घाट से सुबह 9 बजे, 11 बजे, दोपहर 3 बजे और शाम 5 बजे नाव आती है.

नियमों का उल्लंघन कर नाव में क्षमता से कई गुना अधिक यात्री और सामान लादा जा रहा है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है. हाल ही में एक नाव के तल में छेद हो जाने से बीच नदी में अफरातफरी मच गई थी. इसके बावजूद कोई ठोस सुधार नहीं किया गया है. फेरी सेवा में लाइफ जैकेट, लाइफबोट और अन्य सुरक्षा उपकरणों का अभाव है. संचालक अधिक मुनाफा कमाने के लिए नियमों की अनदेखी कर रहे हैं. दियारा क्षेत्र के सैकड़ों लोग रोजाना इलाज, खेती, मजदूरी और अन्य कार्यों के लिए इसी सेवा पर निर्भर हैं.

निर्धारित किराया होने के बावजूद मनमाने ढंग से वसूली की जा रही है. प्रति व्यक्ति 50 रुपये और बाइक के साथ 100 रुपये लिए जा रहे हैं. अतिरिक्त सामान पर भी ज्यादा किराया वसूला जा रहा है.

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षमता के अनुसार सवारी, उचित किराया और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.

कोट

फेरी सेवा नियमित रूप से संचालन होना चाहिए. मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.

जयंत कुमार तिवारी, बीडीओ सह सीओ

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