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साहिबगंज में डॉक्टर की लापरवाही से मलेरिया पीड़ित बच्ची की मौत, हो सकती है कार्रवाई

Updated at : 12 Sep 2024 9:01 PM (IST)
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थाना प्रभारी को आवेदन देते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी. फोटो : प्रभात खबर

Sahibganj News: झारखंड में पहाड़िया जनजाति की एक बच्ची की मौत के लिए साहिबगंज सदर अस्पताल के 2 डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहराया गया है. जानें क्या है पूरा मामला.

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Sahibganj News: साहिबगंज सदर अस्पताल में सोमवार को मलेरिया पीड़ित बच्ची गोदडीन पहाड़िन उर्फ गोमदी (6) की मौत मामले की जांच रिपोर्ट सिविल सर्जन द्वारा गठित टीम ने गुरुवार को सौंप दी. टीम ने रिपोर्ट में बच्ची की मौत के लिए सदर अस्पताल के दो डॉक्टरों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है.

डॉ शहबाज आलम ने नहीं देखा बच्ची को

जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि 9 सितंबर को इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉ शहबाज आलम ने इमरजेंसी में बच्ची को नहीं देखा. न ही बच्ची के इलाज का उचित प्रबंधन किया. यह उनकी कर्तव्य के प्रति लापरवाही को दर्शाता है.

ओपीडी में डॉक्टर ने बच्ची को मृत घोषित किया

साहिबगंज सदर अस्पताल के ओपीडी में तैनात डॉ मो फरोग हसन ने बच्ची को देखकर मृत घोषित कर दिया, लेकिन इस संबंध में पंजी में कुछ भी दर्ज नहीं किया. टीम ने जांच रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि महादेवगंज स्थित राज मेडिकल में अली राजा ने 3 दिन तक उसका इलाज किया. हालांकि, उसके पास वैद्य की कोई डिग्री नहीं है.

डॉ शहबाज आलम ने कहा- चले गये थे पोस्टमार्टम में

जांच रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि डॉ शहबाज आलम ने लिखित रूप से कहा कि वे 9 सितंबर को इमरजेंसी ड्यूटी पर थे, लेकिन दोपहर 1 से 3 बजे के बीच वे 3 शवों का पोस्टमार्टम में चले गये. इस दौरान मरीज नहीं आया था.

2:30 बजे जांच में बच्ची मृत पायी गयी – डॉ हसन

डॉ फरोग हसन ने लिखित रूप से कहा है कि दोपहर 2 से 2:30 बजे के बीच बच्ची को लाया गया, तो जांच में वह मृत पायी गयी. जांच टीम में जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ किरण माला, डीएस डॉ रंजन कुमार व सदर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ महमूद आलम शामिल हैं.

अधिकारियों की टीम की भी जांच रिपोर्ट तैयार

इसी मामले में उपायुक्त हेमंत सती के निर्देश पर गठित टीम में शामिल डीडीसी सतीश चंद्रा, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम व सदर एसडीओ अंगारनाथ स्वर्णकार ने भी जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है. एक-दो दिन में जांच रिपोर्ट डीसी को सौंप दी जायेगी. इस जांच रिपोर्ट में भी दोनों डॉक्टरों की लापरवाही की बात कही गई है, ऐसा सूत्र बता रहे हैं.

राज मेडिकल के मालिक पर प्राथमिकी दर्ज

मलेरिया पीड़ित पहाड़िया जनजाति की बच्ची की मौत मामले में बोरियो के चिकित्सा पदाधिकारी सलखुचंद्र हांसदा के आवेदन पर जिरवाबाड़ी थाना में राज मेडिकल हॉल के मालिक मो अली राजा के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज कर ली गयी है. आवेदन में जिक्र किया गया है कि बच्ची की मौत मामले में गठित जांच समिति ने बुधवार की शाम को स्थलीय जांच की.

जांच में अली राजा की भूमिका संदेहास्पद

जांच में मो अली राजा की भूमिका संदेहास्पद पायी गयी. मो अली ने 3 दिन तक गलत इलाज किया, जिससे बच्ची की हालत खराब हो गयी. आवेदन में जिक्र है कि वहां बिना किसी वैध डिग्री के भोली-भाली आदिवासी पहाड़िया जनजाति को गुमराह कर उनका इलाज किया जाता है.

मोहम्मद अली रजा पर कानूनी कार्रवाई की मांग

आवेदन में मोहम्मद अली रजा पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गयी है. थाना प्रभारी अनिश पांडेय ने बताया कि बोरियो चिकित्सा पदाधिकारी के आवेदन पर कार्रवाई करते हुए मोहम्मद अली रजा पर कांड संख्या 147/24 अंकित करते हुए धारा 105/106(1) बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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