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Rajmahal Lok Sabha: मोदी लहर के बावजूद 2014 और 2019 में JMM ने पाई जीत, इस बार होंगे ये मुद्दे

Updated at : 25 Feb 2024 11:13 AM (IST)
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Rajmahal Lok Sabha

Rajmahal Lok Sabha: राजमहल ऐसी सीट है, जहां 2014 व 2019 में चली मोदी लहर के बावजूद झामुमो के वोट प्रतिशत में वृद्धि दर्ज की गयी थी. यह पहले कांग्रेस का गढ़ था, जिसमें झामुमो ने सेंध लगायी और अब तक 5 बार सीट जीत चुकी है. इस बार मानव तस्करी और बांग्लादेशी घुसपैठ हावी रहेगा.

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Rajmahal Lok Sabha: राजमहल लोकसभा सीट एसटी रिजर्व है. कांग्रेस की परंपरागत सीट समझे जाने वाले राजमहल में बाद में झामुमो ने सेंध लगायी और पांच बार इस सीट को फतह किया. इन दोनों के बीच भाजपा ने भी दो बार इंट्री मारी थी. कांग्रेस ने सर्वाधिक सात बार राजमहल की सीट जीती है. संताल परगना की तीन सीटों (दुमका, राजमहल व गोड्डा) में से राजमहल का मुकाबला दिलचस्प होता है.

झामुमो और कांग्रेस मजबूत स्थिति

पिछले दो चुनावों से झामुमो ने इस सीट पर कब्जा बरकरार रखा है. इस सीट पर बीएलडी और जेपी ने भी एक-एक बार चुनाव जीता है. यहां से सोम मरांडी ने 1998 औरदेवीधन बेसरा ने 2009 में भाजपा को जीत दिलायी. चुनावी आंकड़े बताते हैं कि राजमहल संसदीय सीट पर कांग्रेस, झामुमो और भाजपा के बीच खींचतान चलती रही है. 1977 से लेकर अब तक चुनाव के आंकड़े झामुमो और कांग्रेस मजबूत स्थिति की गवाही देते हैं. रिपोर्ट संजीत मंडल व सुनील ठाकुर की.

Rajmahal Lok Sabha क्षेत्र की खासियत

राजमहल लोकसभा क्षेत्र की बड़ी जनसंख्या गांवों में रहती है. इस सीट पर जनजीवन बेहद ही सामान्य है. पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता और जंगलों से आच्छादित इस लोकसभा क्षेत्र में ढेर सारे क्रशर भी चलते हैं. एक तरफ गंगा नदी भी बहती है. पश्चिम बंगाल से सटे होने के कारण यहां बंगाली भाषी लोगों का भी बड़ा प्रभाव रहा है.

यहां अकबर मस्जिद और बंगाल के नवाब मीर कासिम का महल भी है. इसके साथ ही यहां अल्पसंख्यकों और ईसाई मिशनरी का प्रभाव है. राजमहल लोकसभा क्षेत्र का अधिकांश हिस्सा साहिबगंज और पाकुड़ जिले में पड़ता है. वहीं सुंदर पहाड़ी का इलाका गोड्डा जिले और गोपीकांदर का इलाका दुमका जिले में पड़ता है.

बांग्लादेशियों के घुसपैठ का मुद्दा

राजमहल लोकसभा क्षेत्र में आदिवासी समाज की अलग तरह की राजनीति चलती है. संघर्ष तो आदिवासियों के डीएनए में होता है. राजमहल लोकसभा वैसे तो एक आदिवासी बहुल इलाका है, लेकिन यहां लंबे समय से अवैध तरीके से बांग्लादेशियों के घुसपैठ का मुद्दा काफी चर्चा में रहा है. गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे लगातार बांग्लादेशियों के घुसपैठ का मुद्दा लोकसभा में उठाते रहे हैं.

भाजपा केवल राजमहल लोकसभा नहीं, बल्कि पूरे संताल परगना के इलाके में इस मुद्दे पर आवाज उठाती रही है. भाजपा का दावा है कि इस इलाके से ही बांग्लादेश से बड़ी संख्या में घुसपैठ हो रही है, जो झारखंड खास तौर पर संताल परगना की डेमोग्राफी तेजी से बदल रहा है.

पलायन और मानव तस्करी भी अहम मुद्दे

इसके अलावा पलायन भी इस इलाके का अहम मुद्दा है. वहीं, क्षेत्र में मानव तस्करी का मुद्दा भी जोर-शोर से उठता रहा है. हाल के दिनों में राजमहल लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले बोरियो, बरहेट और पतना जैसे इलाकों से मानव तस्करी के कई मामले आये हैं. मानव तस्करी हमेशा से इलाके के लिए एक मुद्दा रहा है और इस पर रोकथाम एक बहुत बड़ी चुनौती भी है.

विकास की योजनाएं

वहीं क्षेत्र में विकास के लिए साहिबगंज मनिहारी गंगापुल, फोरलेन जैसी विकास की कई योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य चल रहा है. राजमहल में गंगा पुल, सबसे पुराने रेल खंड को विकसित करने का मुद्दा भी ज्वलंत है. राजमहल को पश्चिम बंगाल से जोड़ने के लिए गंगा नदी पर पुल के निर्माण की मांग वर्षों से उठती रही है. यही हाल साहिबगंज रेलखंड का भी है. देश की सबसे पुरानी रेल खंडों में शुमार होने के बावजूद इसका अब तक अपेक्षित विकास नहीं हो सका है.

राजमहल में वोटरों की संख्या

क्षेत्र में विकास की गंगा बहायी : हांसदा

राजमहल के सांसद विजय हांसदा ने कहा कि संसदीय क्षेत्र में उन्होंने बहुत से काम किये हैं. विकास योजनाओं की गंगा बहाने का काम किये हैं. जिसका लाभ यहां के लोगों को आने वाले समय में मिलेगा. उन्होंने कहा कि साहिबगंज व पाकुड़ जिले में डीएमएफटी फंड से करोड़ों की योजना पर कार्य हो रहा है. साहिबगंज में वॉटरबोट एंबुलेंस, साहिबगंज में गंगा पुल के निर्माण के साथ ट्रामा सेंटर खोलने, साहिबगंज सदर अस्पताल में सांसद निधि से एडवांस बायरोलॉजी लैब की स्थापना, साहिबगंज में सेंट्रल स्कूल व पाकुड़ के हिरणपुर में जवाहर नवोदय विद्यालय के स्थापना की गयी.

सांसद ने बताया कि पाकुड़ एवं साहिबगंज जिले में बिजली आपूर्ति में नियमित सुधार के लिए लगातार प्रयास जारी जारी है. राजमहल लोकसभा अंतर्गत सभी प्रखंड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों का जाल बिछा है. बरहरवा पाकुड़ सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिलवाये. पाकुड़ में सांसद निधि से आईसीयू बेड का निर्माण, पाकुड़ सोनाजोरी अस्पताल में सांसद निधि से लैब की स्थापना की गयी.

पाकुड़ में मेडिकल कालेज की स्थापना शीघ्र करने का प्रयास किया जा रहा है. साहिबगंज जिला में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण शीघ्र, साहिबगंज और पाकुड़ जिला के गंभीर मरीज को ले जाने के लिए एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस सेवा प्रदान करवाया. साहिबगंज और मनिहारी के बीच गंगा नदी पर पुल निर्माण, साहिबगंज में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डेयरी प्लांट का शुभारंभ, बरहरवा जल्द ही साहिबगंज व पाकुड़ में कई एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव व साहिबगंज व पाकुड़ में हवाई अड्डा बनाने का कार्य किया जायेगा.

झामुमो का वोट प्रतिशत चुनाव दर चुनाव बढ़ा

राजमहल ऐसी सीट है, जहां 2014 व 2019 में चली मोदी लहर के बावजूद झामुमो के वोट प्रतिशत में वृद्धि दर्ज की गयी थी. 2014 में झामुमो प्रत्याशी विजय हांसदा को 39.88 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर रही भाजपा के प्रत्याशी हेमलाल मुर्मू को 35.54 प्रतिशत वोट मिले. वहीं 2019 के चुनाव परिणाम की बात करें तो झामुमो ने 48.47 प्रतिशत वोट हासिल करने में सफलता प्राप्त की. विजेता विजय हांसदा को 5,07,830 वोट मिले.

झामुमो का वोट प्रतिशत

वहीं दूसरे नंबर पर रही भाजपा के हेमलाल मुर्मू को केवल 39 फीसदी वोट यानी 4,08,635 वोट प्राप्त हुए थे. 2014 के चुनाव के मुकाबले झामुमो के वोट में 8.59 प्रतिशत का इजाफा हुआ. जबकि भाजपा के वोट में मात्र 3.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.

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