झारखंड के इस जिले में क्यों दम तोड़ रही है प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना? ये है बड़ी वजह

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प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना

Pradhanmantri Vishwakarma Yojana: प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का शुभारंभ 17 सितंबर 2023 को विश्वकर्मा पूजा के दिन किया गया था. झारखंड के साहिबगंज जिले में दो वर्षों में यह योजना अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी है. उद्योग विभाग की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार साहिबगंज जिले में मात्र 33 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं. 23 को ही लोन (ऋण) दिया गया. कुल 221 लोगों ने आवेदन किए थे. बैंकों की उदासीनता से यह योजना धरातल पर दम तोड़ रही है.

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Pradhanmantri Vishwakarma Yojana: साहिबगंज, सुनील ठाकुर-प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का शुभारंभ 17 सितंबर 2023 को विश्वकर्मा पूजा के दिन किया गया था, लेकिन दो वर्षों के कार्यकाल में यह योजना साहिबगंज जिले में अपेक्षित परिणाम नहीं दे पायी है. उद्योग विभाग की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, साहिबगंज जिले के कुल 221 आवेदन बैंकों तक पहुंचे, लेकिन मात्र 33 आवेदन स्वीकृत हुए. इनमें से केवल 23 लाभुकों को ही ऋण वितरित किया गया, जो कुल आवेदन का केवल करीब 10.4 प्रतिशत है. बैंकों की उदासीनता इस योजना के पीछे बड़ी वजह बनकर उभरी है. विशेष रूप से एसबीआइ ने बेहतर प्रदर्शन किया, जहां 161 आवेदन प्राप्त हुए और 17 लाभुकों को ऋण दिया गया. इंडिया बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का प्रदर्शन ठीक माना जा रहा है, जबकि झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कैनरा बैंक समेत निजी और स्मॉल फाइनेंस बैंक पूरी तरह विफल रहे हैं.

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क्या है योजना का उद्देश्य?


प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य कारीगरों और छोटे कारोबारियों को तकनीकी एवं आर्थिक सहायता प्रदान करना था, लेकिन बैंकों की निष्क्रियता के चलते जिले के जरूरतमंद इससे वंचित रह गये हैं. यहां हथकरघा उद्योग, लोहार और बुनायी में पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक युग की तकनीक से जोड़ने का प्रयास विशेष रूप से प्रभावी रहा.

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कहते हैं उद्योग विभाग के जीएम?


उद्योग विभाग के प्रभारी जीएम रामाकांत चतुर्वेदी ने कहा कि साहिबगंज जिले में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है. साथ ही बैंकों से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने और लाभ देने की बात कही गयी है.

कहते हैं एलडीएम?


साहिबगंज के एलडीएम सुधीर कुमार ने कहा कि योजना के तहत साहिबगंज के बैंकों में कुल 221 आवेदन प्राप्त हुए थे. एसबीआई का प्रदर्शन बेहतर, अन्य बैंक ऋण वितरण में पिछड़े बैंकों को अधिक से अधिक पीएम विश्वकर्मा योजना का ऋण वितरण करने का निर्देश पूर्व में डीएलसीसी की बैठक में दिया जा चुका है. बैंकों से प्राप्त रिपोर्ट पर समीक्षा की जा रही है. अगली डीएलसीसी की बैठक में प्राप्त स्वीकृत आवेदनों को शत प्रतिशत निष्पादन का निर्देश दिया जायेगा.

बैंक का नाम – ऋण आवेदन- ऋण स्वीकृत- ऋण वितरित


बैंक ऑफ बडौदा – 05- 00- 00
बैंक ऑफ इंडिया – 21- 01- 01
केनरा बैंक – 02- 01- 01
सैन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया- 01- 00- 00
आईडीबीआई बैंक- 01- 00- 00
इंडियन बैंक- 14- 00- 00
इंडियन ओवरसीज बैँक- 02- 01- 00
इंडसइंड बैंक – 01- 00- 00
पंजाब नेशनल बैंक- 02- 00- 00
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया- 161- 25- 17
युको बैंक- 10- 05- 04
युनियन बैंक ऑफ इंडिया- 01- 00- 00
कुल – 221- 33- 23

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