सूचना मिलते ही पहुंची मेडिकल टीम, ग्रामीणों के लिये गये ब्लड सैंपल

Updated at : 23 Mar 2025 8:27 PM (IST)
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सूचना मिलते ही पहुंची मेडिकल टीम, ग्रामीणों के लिये गये ब्लड सैंपल

नगरभिठा पहाड़ पर अज्ञात बीमारी से 10 दिनों में पांच मासूमों की मौत के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल

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मंडरो. मंडरो प्रखंड के बसहा पंचायत अंतर्गत नगरभिठा पहाड़ पर अज्ञात बीमारी से 10 दिनों में पांच मासूमों की मौत के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है. रविवार को सोमरा पहाड़िया की दो वर्षीय पुत्री सजनी पहाड़िन की मौत के बाद ग्रामीणों का डर और बढ़ गया. इस घटना के बाद पहाड़िया समुदाय के दर्जनों पुरुष पहाड़ से नीचे उतरकर घटियारी गांव पहुंचे और वहां के ग्रामीणों को इस संकट की जानकारी दी. इसके बाद तुरंत मंडरो चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नित्यानंद सिंह को सूचित किया गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, डॉ. नित्यानंद सिंह ने तुरंत एक मेडिकल टीम गठित की, जिसमें कई विशेषज्ञों को शामिल किया गया, जिसमें बीपीएम अमन कुमार भारती, सीएचओ रवि कुमार जाटव, नितीश कुमार, एएनएम शांति लता मुर्मू, सहिया नयन तारा हांसदा, एमपीडब्ल्यू डोमन मंडल, दिनेश कुमार साह हैं. मेडिकल टीम पहाड़ से पगडंडी रास्ते के सहारे दो किलोमीटर पैदल चलकर नगरभिठा पहाड़िया गांव पहुंची और वहां स्वास्थ्य शिविर (कैंप) लगाया. ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच शुरू हुई और संभावित रोगियों के ब्लड सैंपल इकट्ठा किये गये. ग्रामीणों ने बतायी आपबीती स्वास्थ्य कैंप के दौरान कई ग्रामीणों ने बताया कि वे पिछले कुछ दिनों से आंखों में पीलापन, सर्दी, खांसी, तेज बुखार और सिरदर्द की समस्या से जूझ रहे हैं. मेडिकल टीम ने इन लक्षणों को गंभीरता से लेते हुए सभी प्रभावित व्यक्तियों के ब्लड सैंपल जांच के लिए एकत्र किये. जिन ग्रामीणों की जांच की गयी, उनमें कतगी पहाड़िन, अर्जुन पहाड़िया, इतवारी पहाड़िन, दिलीप पहाड़िया, बमडी पहाड़िन, चूलिया पहाड़िन, डानियल पहाड़िया, जोनी पहाड़िन, बुधनी पहाड़िन, कैलु पहाड़िया, चुलवा पहाड़िया व मधु पहाड़िया शामिल हैं. मेडिकल टीम ने सभी ग्रामीणों को ओआरएस घोल और सर्दी-बुखार की दवाएं वितरित कीं और उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ब्लड सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह अज्ञात बीमारी क्या है और इसका सही इलाज कैसे किया जाए. प्रशासन स्थिति पर नजर बनाये हुए है और जल्द से जल्द राहत पहुंचाने की योजना बना रहा है. क्या कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मेडिकल टीम नगरभिट्ठा गांव पहुंच कर कैंप कर रही है. सभी का ब्लड सैंपल कलेक्ट कर जांच के लिए भेजा जा रहा है. डॉ नित्यानंद सिंह, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ———————————————- मुश्किलों से घिरी है नगरभिट्ठा पहाड़िया गांव की बस्ती झारखंड के नगरभिठा पहाड़िया गांव में 24 परिवारों की बस्ती है, जिनकी आबादी लगभग 100-150 के बीच है. यहां के लोग खेती-बाड़ी और मजदूरी पर निर्भर हैं, लेकिन इस गांव तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है. गांव कलाझोर से 6 किलोमीटर दूर है, लेकिन रास्ता पथरीला, कांटेदार और झाड़ियों से भरा हुआ है. यहां तक कोई चार पहिया वाहन नहीं पहुंच सकता. किसी भी आपात स्थिति में एंबुलेंस गांव तक नहीं आ सकती, क्योंकि पहाड़ की चढ़ाई के बाद भी 2 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है. नगरभिठा पहाड़िया गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित है. लोग झरने व कुओं के पानी पर निर्भर हैं. यहां आसान परिवहन, स्वास्थ्य केंद्र और सुगम रास्तों की सख्त जरूरत है.

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