बरहरवा नपं में बिना डॉक्टर के चल रहा आयुष्मान आरोग्य मंदिर

Updated at : 28 Mar 2026 10:20 PM (IST)
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sahibganj

साहिबगंज (फाइल फोटो)

सिस्टम की बदहाली का शिकार हो रहे मरीज, नहीं मिल रहा मुकम्मल इलाज

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बरहरवा

बरहरवा नगर पंचायत क्षेत्र के लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वार्ड 13 अंतर्गत खेतौरीपाडा में 15वें वित्त आयोग (स्वास्थ्य) के तहत राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन झारखंड द्वारा संचालित किये जा रहे आयुष्मान आरोग्य मंदिर अपने स्थापना के बाद से ही सिस्टम की बदहाली झेल रहा है. जहां करीब तीन वर्षों से बिना एमबीबीएस डॉक्टर के ही जीएनएम और एमपीडब्ल्यू द्वारा मरीजों की बीपी, शुगर, सर्दी-जुखाम, बुखार आदि का इलाज किया जा रहा है. नगरवासी बताते हैं कि वे लोग यहां अच्छे इलाज की आस में आते हैं, मगर फायदा नहीं होता है. ज्ञात हो कि नगर पंचायत क्षेत्र में एक और आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलने को लेकर 10 मार्च 2026 को जिले से आये स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रखंड मुख्यालय बरहरवा स्थित एक स्थान को चिन्हित किया गया है. जहां जल्द ही इसे शुरू करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी. पर सवाल उठता है कि जब पहले से संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में ही डॉक्टर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं है तो फिर नये आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने का क्या फायदा होगा.

आयुष्मान आरोग्य मंदिर में मेडिकल ऑफिसर के दो पद हैं सृजित, पर नहीं मिल रहे हैं डॉक्टर

2022 में बरहरवा नगर पंचायत वासियों को छोटे-मोटे रोगों में अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयुष्मान आरोग्य मंदिर खेतौरीपाड़ा का निर्माण कराया गया था. इसके बाद संविदा पर मेडिकल ऑफिसर (एमओ) के पद पर एमबीबीएस डॉक्टर की बहाली हेतु तीन बार वॉक-इन-इंटरव्यू की तारीख निकाली जा चुकी है. जिसमें पहले इंटरव्यू में एक डॉक्टर आये थे लेकिन उन्होंने अपना योगदान नहीं किया जबकि बाकी के इंटरव्यू में एक भी डॉक्टर नहीं पहुंचे. आयुष्मान आरोग्य मंदिर में दो पदों पर मेडिकल ऑफिसर के चयन के लिये इंटरव्यू 24 मार्च 2026 को बरहरवा नगर पंचायत कार्यालय में आयोजित की गयी थी. जिसमें इंटरव्यू टीम में अध्यक्ष बीडीओ बरहरवा, सचिव ईओ बरहरवा व सदस्य एमओआइसी बरहरवा थे. इस मॉक इंटरव्यू में भी एक भी डॉक्टर नहीं पहुंचे. आयुष्मान आरोग्य मंदिर के डॉक्टरों के लिये नगर पंचायत द्वारा 63 हजार रुपये मासिक सैलरी निर्धारित की गयी है तथा पद संविदा पर है. इस कारण एमबीबीएस डॉक्टरों का रुझान मेडिकल ऑफिसर पद के प्रति नहीं दिख रहा है.

शिविर लगने पर बंद रहता है आयुष्मान आरोग्य मंदिर

नगर पंचायत क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में आयुष्मान आरोग्य मंदिर खेतौरीपाड़ा द्वारा समय-समय पर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता है. लेकिन डॉक्टर नहीं रहने और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी के कारण शिविर लगने के दरमियान आयुष्मान आरोग्य मंदिर को बंद करना पड़ता है. इससे उस दिन अपने इलाज हेतु अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ता है.

कहते हैं अधिकारी

बरहरवा नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर नगर पंचायत कार्य कर रहा है. लेकिन, अभी तक डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हो पायी है. उच्चाधिकारियों को इससे अवगत कराकर नगर पंचायत की स्वास्थ्य व्यवस्था को सदृढ़ कराया जायेगा.

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