जीएसटी से कारोबार में आयेगी सुगमता
Updated at : 05 Dec 2016 5:20 AM (IST)
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कार्यक्रम . जीएसटी पर चेंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से आयोजित सेमिनार में विधायक ने कहा विधायक, डीसी व एसपी ने किया जीएसटी बुक का विमोचन साहिबगंज को राज्य में अलग पहचान दिलाने पर दिया बल गंगा पुल से शहर में खुल जायेगा विकास का नया द्वार साचेका ने औद्योगिक विकास एवं संरचना पर किया […]
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कार्यक्रम . जीएसटी पर चेंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से आयोजित सेमिनार में विधायक ने कहा
विधायक, डीसी व एसपी ने किया जीएसटी बुक का विमोचन
साहिबगंज को राज्य में अलग पहचान दिलाने पर दिया बल
गंगा पुल से शहर में खुल जायेगा विकास का नया द्वार
साचेका ने औद्योगिक विकास एवं संरचना पर किया सेमिनार का आयोजन
साहिबगंज : चेंबर ऑफ कॉमर्स ने फ्रेंड्स क्लब में सरकार द्वारा लायी जा रही जीएसटी पर एक सेमिनार का आयोजन रविवार को किया. उदघाटन साचेका द्वारा निकाली गयी जीएसटी बुक का विमोचन कर किया. मुख्य अतिथि विधायक अनंत ओझा ने व्यवसायियों कहा कि जीएसटी एक ऐसी व्यवस्था है. इससे व्यवसायी को कारोबार करने में सुगमता उपलब्ध होगी. वहीं उन्होंने कहा हम सभी का यह प्रयास होगा कि हमारा साहिबगंज की एक अलग पहचान हो. क्योंकि आने वाला दिन साहिबगंज का होगा हमारे यहां, गंगापुल होगा, हमारे गंगा नदी पर बंदरगाह होगा जैसे कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित होगी.
वही डीसी डॉ शैलेश चौरसिया ने कहा कि बड़ी गौरव की बात है कि मेरा पदस्थापन साहिबगंज जैसे जिला में हुआ है. प्रधानमंत्री का झारखंड के साथ-साथ साहिबगंज पर विशेष नजर है. यह सबसे बड़ी बात है. वहीं एसपी पी मुरूगन ने कहा कि हमारा प्रयास होगा अच्छा से अच्छा सुरक्षा व्यवस्था दे सकूं. वही डॉ विजय कुमार ने कहा कि दो दशक पूर्व साहिबगंज औद्योगिक केंद्र था. यहां से समानों की आपूर्ति सड़क, रेल जल मार्ग से दूसरे राज्यों में किया जाता था. समय बदल रहा है साहिबगंज का भी विकास होने की उम्मीद है
चंदेश्वर प्रसाद सिन्हा ने कहा कि साहिबगंज में पत्थर उद्योग है. लेकिन स्थिति दयनीय है. सकरीगली में बहुत जमीन है सरकार चाहे तो उद्योग स्थापित कर जिले को उद्योग का केंद्र बना सकती है. प्रो डॉ रंजीत सिंह ने कहा कि ऐतिहासिक धरोहर व पर्यटन केंद्रों का राज्य सरकार व जिला प्रशासन विकास कर भारत के नक्शे में साहिबगंज का नाम दर्ज करा सकते है. कमल महावर ने कहा कि साहिबगंज का इतिहास बहुत पुराना है. पूर्व में साहिबगंज में तेल, दाल, आटा, जूट मिल था.
लेकिन बाद में सभी मिल बंद हो गये. सरकार व जिला प्रशासन चाहे तो जिले में पेपर मिल, चीनी मिल, सिल्क की फैक्ट्री लगाकर जिले को उद्योग का केंद्र बना सकते हैं. साहिबगंज को खासमहल से मुक्त करना जरूरी है. वहीं अशोक शर्राफ ने जीटीएस क्या है, इसके क्या फायदे है. इसके अंतर्गत कैसे व्यवसायी वर्ग को काम करना है की जानकारी दी. इसके पूर्व मुख्य अतिथि विधायक अनंत ओझा, डीसी डॉ शैलेश चौरसिया, एसपी पी मुरूगन का चेंबर सदस्यों स्वागत किया.
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