?????????? ??? ???? ?? ??? ?????? ???????

अमड़ापाड़ा में देखी जा रही नक्सली गतिविधि – पीसी दी व राहुल दा नामक तथाकथित नक्सली के सक्रिय होने की है सूचना.- खुफिया विभाग को है इसकी भनक.नगर प्रतिनिधि, पाकुड़दुमका जिला के काठीकुंड क्षेत्र से सटे अमड़ापाड़ा में नक्सलियों की सक्रियता कोई नई बात नहीं है. लेकिन पंचायत चुनाव के दौरान ये नक्सली और सक्रिय […]
अमड़ापाड़ा में देखी जा रही नक्सली गतिविधि – पीसी दी व राहुल दा नामक तथाकथित नक्सली के सक्रिय होने की है सूचना.- खुफिया विभाग को है इसकी भनक.नगर प्रतिनिधि, पाकुड़दुमका जिला के काठीकुंड क्षेत्र से सटे अमड़ापाड़ा में नक्सलियों की सक्रियता कोई नई बात नहीं है. लेकिन पंचायत चुनाव के दौरान ये नक्सली और सक्रिय हो गये हैं. हालांकि जिला पुलिस क्षेत्र में लगातार लांग रेंज पेट्रोलिंग कर रही है और तमाम तरह के आवश्यक सतर्कता बरत रही है. बावजूद इसके गिरीडीह जिले के पीसी दी व राहुल दा नामक दो तथाकथित नक्सली नेता अमड़ापाड़ा प्रखंड के डुमरचीर पंचायत में अपनी गतिविधि कायम किये हुए हैं. सूत्रों के अनुसार अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के कसकोटा, बंधकोई गांव में इन्होंने अपना ठिकाना बना रखा है. पुलिस की सतर्कता के बावजूद यह बात तो है कि दुमका, पाकुड़ और गोड्डा के सीमाई क्षेत्रों में नक्सली गतिविधि की छिटपुट खबरें छन कर आती रहती है. कई घटनाएं और ग्रामीण की दबी जुबान से मिलती स्वीकृति इस बात का सबूत है कि गाहे-बगाहे जंगलों में हथियार बंद दस्ते दिखाई जरूर पड़ जाते हैं. इन हथियार बंद दस्तों में गिरीडीह, काठीकुंड, शिकारीपाड़ा एवं पश्चिम बंगाल के वीरभूम के नक्सलियों का संयुक्त जत्था रहता है. पुलिस के कई रिपोर्ट यह कहते हैं कि महिलाओं का हथियार बंद दस्ता इनमें शामिल है. पिछले कुछ वर्ष के घटनाओं को देखें तो पाकुड़ एसपी अमरजीत बलिहार के शहादत के साथ-साथ कई घटनाओं को अंजाम देकर इस जोन में नक्सलियों ने अपनी दमदार उपस्थिति का एहसास करा दिया है. सूत्रों के अनुसार इस बार भी अमड़ापाड़ा प्रखंड में अागामी पांच दिसंबर को पंचायत चुनाव तीसरे चरण में होना है. नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देकर जोर-दार उपस्थिति दर्ज कराना चाहते हैं. पीसी दी और राहुल दा के सक्रिय गतिविधि और क्षेत्र में विभिन्न जोन के नक्सलियों की उपस्थिति इस बात का संकेत दे रही है कि कोई न कोई बड़ी योजना नक्सलियों ने बना रखा है. हालांकि इसकी भनक स्थानीय खूफिया विभाग को भी है. निश्चित रूप से पुलिस ने अपनी तैयारी कर रखी होगी. लेकिन पुलिस प्रशासन के लोग इस बात का खुलासा करने से परहेज कर रहे हैं. अब देखना है कि नक्सली अपनी योजना में सफल होते हैं या प्रशासन उन पर भारी पड़ता है. इतना तो तय है कि पंचायत चुनाव में पड़ रहे मतों की प्रतिशतता को देख कर यह जरूर कहा जा सकता है कि नक्सलियों के भय से आम जनता डरने वाली नहीं है.क्या कहते हैं एसपीएसपी अजय लिंडा ने कहा कि नक्सलियों के मंसूबे को नाकाम करने के लिए पुलिस तैयार हैं. भयमुक्त वातावरण में मतदान को लेकर प्रशासन तैयार है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




