साहिबगंज में तीन महीने में नौ आत्महत्या, समाज के लिए चिंता

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साहिबगंज में तीन महीने में नौ आत्महत्या, समाज के लिए चिंता

महिलाओं और युवाओं में सर्वाधिक मामले, हेल्थ काउंसेलिंग की जरूरत

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साहिबगंज

जिले में आत्महत्या की बढ़ती घटनाएं गंभीर सामाजिक चिंता का विषय बन गयी हैं. पिछले तीन माह 25 दिनों में कुल नौ आत्महत्या के मामले सामने आये हैं. इनमें सबसे अधिक घटनाएं महिलाओं और युवाओं से जुड़ी हैं. कारणों में पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव, बीमारी, नशे की लत और आर्थिक दबाव प्रमुख रहे हैं. जिरवाबाड़ी, तालझारी और मुफस्सिल थाना क्षेत्रों में हुई घटनाओं ने समस्या को और गंभीर बना दिया है. मामूली विवाद या मानसिक दबाव के चलते लोग आत्मघाती कदम उठा रहे हैं. सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि आत्महत्या केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक सहयोग से जुड़ा बड़ा मुद्दा है. विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि स्कूल-कॉलेजों में काउंसलिंग व्यवस्था, पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम और परिवारों में संवाद को मजबूत करना जरूरी है. समाज और प्रशासन मिलकर प्रयास करें तो आत्महत्या जैसी घटनाओं में कमी लायी जा सकती है.

क्या कहते हैं मनोवैज्ञानिक सह अधिवक्ता

आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है. कई बार लोग क्षणिक आवेश, मानसिक दबाव या निराशा में ऐसा कदम उठा लेते हैं. लेकिन, इससे समस्याएं खत्म नहीं होतीं, बल्कि परिवार के लिए जीवनभर का दुख छोड़ जाती हैं. आत्महत्या वास्तव में समस्याओं से भागने का एक कायराना कदम है. जीवन में कठिनाइयाें का समाधान संवाद, धैर्य और सही मार्गदर्शन से ही संभव है. यदि कोई व्यक्ति मानसिक तनाव या अवसाद से गुजर रहा हो तो उसे अकेला छोड़ने के बजाय परिवार और समाज को उसका साथ देना चाहिए. स्कूल, कॉलेज और ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है.

मोहम्मद अनीस अहमद, मनोवैज्ञानिक सह अधिवक्ता

साहिबगंज, मासिक रिपोर्ट (आत्महत्या के मामले)

वर्ष 2026

जनवरी – 03

फरवरी – 02

मार्च – 02

25अप्रैल -02

केस स्टडी: महीनों से बीमार थी महिला, दे दी जान

26 फरवरी 2026 – छोटा पचगढ़

जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र के छोटा पचगढ़ गांव में 40 वर्षीय लैली देवी ने घर के कमरे में साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. परिजनों के अनुसार, महिला पिछले कई महीनों से बीमार और मानसिक रूप से परेशान चल रही थी. पति काम के सिलसिले में बाहर थे. घर लौटने पर बेटी ने बताया कि मां कमरे में बंद है. दरवाजा खुलने पर महिला फंदे से लटकी मिली.

केस स्टडी: 13 वर्षीय किशोरी का फंदे से लटका मिला था शव

8 फरवरी 2026 – बड़ा बेतौना

जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र के बड़ा बेतौना गांव में 13 वर्षीय जूली बास्की ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. रात में वह मां के साथ सोने गयी थी सुबह परिजनों ने देखा कि वह साड़ी के फंदे से लटकी हुई है. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी और मां खेती कर परिवार का पालन-पोषण करती थी.

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Abdhesh Singh

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