?????? : ?????????? ????????? ?? ??????? ?? ???? ?????? ??? ??? ???????? ???? ?? ????? ?? ????

Published at :23 Nov 2015 7:16 PM (IST)
विज्ञापन
?????? : ?????????? ????????? ?? ??????? ?? ???? ?????? ??? ??? ???????? ???? ?? ????? ?? ????

प्रवचन : स्वप्रेरित प्रशिक्षण से व्यक्ति को अपने आंतरिक जगत में प्रविष्ट होने का मिलता है अवसरसमूचे अभ्यास के दरम्यान प्रतिदिन प्रशिक्षणार्थी के अनुभव पर प्रशिक्षण के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया जाता है तथा तदनुसार अभ्यासक्रम में उपयुक्त परिवर्तन किये जाते हैं. शुल्ज तथा ल्युथ बार-बार इस बात पर जोर देते हुए कहते हैं […]

विज्ञापन

प्रवचन : स्वप्रेरित प्रशिक्षण से व्यक्ति को अपने आंतरिक जगत में प्रविष्ट होने का मिलता है अवसरसमूचे अभ्यास के दरम्यान प्रतिदिन प्रशिक्षणार्थी के अनुभव पर प्रशिक्षण के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया जाता है तथा तदनुसार अभ्यासक्रम में उपयुक्त परिवर्तन किये जाते हैं. शुल्ज तथा ल्युथ बार-बार इस बात पर जोर देते हुए कहते हैं कि यदि वह प्रशिक्षण किसी कम अनुभवी व्यक्ति से लिया हो तो प्रशिक्षणार्थी को हानि का खतरा है. इस स्थिति में उसे धड़कन का बढ़ना, उच्च रक्तचाप तथा क्रोध की घनी अनुभूति का अक्सर अनुभव होता है. स्वप्रेरित प्रशिक्षण का उपयोग : स्वप्रेरित प्रशिक्षण का सर्वोत्तम प्रयोग चिकित्सा के क्षेत्र में होता है, जहां प्रशिक्षित मनोरोग विशेषज्ञ द्वारा कुशल मार्गदर्शन उपलब्ध होता है. इससे विश्रान्ति तथा शिराव्याधियों से मुक्ति तो मिलती ही है, साथ ही यह अन्य अन्वेषणों का विषय भी बन सकता है. व्यक्ति को अपने आंतरिक जगत में प्रविष्ट होने का अवसर मिलता है. उदाहरण के लिए बायोफीडबैक मशीनों के प्रयोग द्वारा यह देखा गया है कि स्वप्रेरित प्रशिक्षण चार से छ: महीनों की अपेक्षा बीस मिनट में ही सीखा जा सकता है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola