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झामुमो को बागी से निबटने, तो भाजपा को सीट बचाने की चुनौती, विकास है अहम मुद्दा, जानें राजमहल विधानसभा क्षेत्र का लेखा-जोखा

Updated at : 10 Dec 2019 7:40 AM (IST)
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झामुमो को बागी से निबटने, तो भाजपा को सीट बचाने की चुनौती, विकास है अहम मुद्दा, जानें राजमहल विधानसभा क्षेत्र का लेखा-जोखा

सुनील ठाकुर कुल वोटर 296665 पुरुष वोटर 156295 महिला वोटर महिला वोटर 138170 साहिबगंज : गंगा किनारे बसे अविभाजित बिहार से ही राजमहल सीट चर्चित रही है. बिहार के मुख्यमंत्री रहे विनोदानंद झा इस सीट से दो बार चुनाव जीते थे. 2014 के चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे झामुमो के मो ताजुद्दीन राजा इस […]

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सुनील ठाकुर
कुल वोटर
296665
पुरुष वोटर
156295
महिला वोटर
महिला वोटर
138170
साहिबगंज : गंगा किनारे बसे अविभाजित बिहार से ही राजमहल सीट चर्चित रही है. बिहार के मुख्यमंत्री रहे विनोदानंद झा इस सीट से दो बार चुनाव जीते थे. 2014 के चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे झामुमो के मो ताजुद्दीन राजा इस बार आजसू के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं.
झामुमो ने कुतुउद्दीन शेख को प्रत्याशी बनाया है. वहीं काफी कम मार्जिन से जीतनेवाले भाजपा के सीटिंग विधायक अनंत ओझा विकास के मुद्दे के साथ जनता के सामने हैं. एक ओर झामुमो, जो पिछले चुनाव में दूसरे स्थान पर था, उसके अपने ही पार्टी के बागी उम्मीदवार से निबटने की चुनौती होगी. पिछला विधानसभा चुनाव झामुमो ने अकेले लड़ कर भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी. राजमहल सीट से भाजपा 702 मतों के मामूली अंतर से चुनाव जीत सकी थी. कांग्रेस का राजद से गठबंधन नहीं था. राजमहल कांग्रेस ने राजद के लिए छोडी थी.
पहले राजमहल सीट राजमहल दामिन के नाम से जानी जाती थी. 1951 के चुनाव में यहां से जेठा किस्कु चुनाव जीते थे. 1957 में राजमहल सामान्य विधानसभा क्षेत्र अस्तित्व में आया. यहां से पंडित बिनोदानंद झा चुनाव जीते. वह 1962 में भी चुनाव जीते. वे 18 फरवरी 1961 से दो अक्तूबर 1963 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे. नथमल डोकानिया 1967 व 1972 में दो बार चुनाव जीते. वे तत्कालील महामाया प्रसाद सिन्हा के सरकार में मंत्री भी बने. जनसंघ के जमाने में 1969 में ओमप्रकाश राय इस सीट से चुनाव जीते थे.
तीन महत्वपूर्ण कार्य जो हुए
1. गंगा नदी पर अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह
2. बिजली ग्रिड का निर्माण
3. सिवरेज व शहरी जलापूर्ति योजना
तीन महत्वपूर्ण कार्य जो नहीं हुए
1. मेडिकल कॉलेज नहीं खुला
2. रेलवे फाटक नहीं बन सका
3.नहीं बना गंगा पर पुल
विकास की गंगा बही : अनंत
अनंत ओझा ने कहा कि क्षेत्र में जो अपेक्षाएं थीं, सभी को पूरा किया गया. सड़कों की जाल बिछी है. बिजली, पानी व शौचालय, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास जैसी योजनाओं का लाभ दिलाया गया. क्षेत्र में कृषि व इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने का प्रस्ताव है.
पुल निर्माण सिर्फ घोषणा : ताजुद्दीन
दूसरे स्थान पर झामुमो प्रत्याशी मो ताजुद्दीन राजा ने कहा कि पांच साल में क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार की दिशा में कोई कार्य नहीं हुआ. आज भी जनता इन समस्याओं से जूझ रही है. खासमहाल पर कोई काम नहीं हुआ. गंगा पुल सिर्फ घोषणा साबित हुआ है.
2005
जीते : थॉमस हांसदा, कांग्रेस
प्राप्त मत : 36472
हारे : अरुण मंडल, निर्दलीय
प्राप्त मत : 25296
तीसरा स्थान : कमल कृष्ण भगत, भाजपा
प्राप्त मत : 21639
2009
जीते : अरुण मंडल, भाजपा
प्राप्त मत : 51277
हारे : मो ताजुद्दीन, झामुमो
प्राप्त मत : 49874
तीसरा स्थान : थॉमस हांसदा, कांग्रेस
प्राप्त मत : 14782
2014
जीते : अनंत ओझा, भाजपा
प्राप्त मत : 77481
हारी : मो ताजुद्दीन, झामुमो
प्राप्त मत : 76694
तीसरा स्थान : बजरंगी प्रसाद यादव, निर्दलीय
प्राप्त मत : 18866
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