ePaper

राजमहल लोकसभा सीट : होता रहा है त्रिकोणीय मुकाबला, कांग्रेस ने सात, झामुमो ने चार व भाजपा ने दो बार जीती सीट

Updated at : 20 Mar 2019 8:59 AM (IST)
विज्ञापन
राजमहल लोकसभा सीट : होता रहा है त्रिकोणीय मुकाबला, कांग्रेस ने सात, झामुमो ने चार व भाजपा ने दो बार जीती सीट

संजीत मंडल रांची/साहेबगंज/ देवघर : संताल परगना के तीन संसदीय सीट में राजमहल सीट पर मुकाबला बहुत ही दिलचस्प होता है. क्योंकि यही वह सीट है, जहां कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा और कभी झामुमो के सांसद रहे हैं. लेकिन नंबर अॉफ इलेक्शन में जीत की बात करें, तो राजमहल सीट पर सर्वाधिक सात बार […]

विज्ञापन
संजीत मंडल
रांची/साहेबगंज/ देवघर : संताल परगना के तीन संसदीय सीट में राजमहल सीट पर मुकाबला बहुत ही दिलचस्प होता है. क्योंकि यही वह सीट है, जहां कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा और कभी झामुमो के सांसद रहे हैं. लेकिन नंबर अॉफ इलेक्शन में जीत की बात करें, तो राजमहल सीट पर सर्वाधिक सात बार कांग्रेस के उम्मीदवार चुनाव जीते हैं. जबकि झामुमो ने चार बार, भाजपा ने दो बार, बीएलडी और जेपी ने एक-एक बार चुनाव जीता है.
यूं तो राजमहल की सीट कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है, लेकिन बाद के चुनाव में झामुमो और भाजपा ने कांग्रेस के गढ़ में सेंधमारी की. इस सीट पर भाजपा के सोम मरांडी ने 1998 में चुनाव जीत हासिल की और 2009 में देवीधन बेसरा ने भाजपा को जीत दिलायी. पूरे चुनावी आंकड़े को देखें, तो राजमहल संसदीय सीट पर कांग्रेस, झामुमो और भाजपा के बीच खींचतान चलती रही है. 1977 से लेकर अब तक चुनाव के आंकड़े को देखें, तो झामुमो और कांग्रेस मजबूत स्थिति में रही है.
छह में से दो विधानसभा सीट पर हैं भाजपा के विधायक : इस संसदीय क्षेत्र में विधानसभा की छह सीटें हैं. जिसमें सिर्फ दो विधायक ही भाजपा से हैं.
वे बोरियो और राजमहल से चुनाव जीते हैं. इसमें से तीन विधानसभा सीटों पर झामुमो का कब्जा है. इनमें बोरियो से ताला मरांडी-भाजपा, बरहेट से हेमंत सोरेन-झामुमो, पाकुड़ से आलमगीर आलम-कांग्रेस, लिट्टीपाड़ा से साइमन मरांडी(झामुमो), महेशपुर से स्टीफन मरांडी-झामुमो चुनाव जीते हैं. इस तरह आने वाले चुनाव में भी भाजपा और झामुमो के बीच ही टक्कर के संकेत दिख रहे हैं.
घटता रहा है जीतने वाले उम्मीदवारों का वोट प्रतिशत : इस लोकसभा चुनाव की खासियत यह रही है कि 1977 के चुनाव में जहां जीतने वाले उम्मीदवार को 68.15% वोट मिला था, वहीं 1991 और उसके बाद के चुनाव में 45 फीसदी वोट से अधिक किसी भी जीतने वाले उम्मीदवार को नहीं मिला.
1977 से अब तक के चुनाव में जीतने वाले उम्मीदवारों की बात करें, तो 2009 के चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार देवीधन बेसरा ने मात्र 26.12 फीसदी वोट लाकर चुनाव जीता था. इससे पहले 2004 के चुनाव में झामुमो के हेमलाल मुर्मू को 32.76 फीसदी वोट मिला था. कांग्रेस के थॉमस हांसदा को 1996 के चुनाव में 45.22 फीसदी वोट मिला था.
राजमहल लोकसभा सीट से कब-कौन जीता
वर्ष सांसद दल
1957 पाइका मुर्मू कांग्रेस
1962 ईश्वर मरांडी जेपी
1967 ईश्वर मरांडी कांग्रेस
1971 ईश्वर मरांडी कांग्रेस
1977 फादर एंथोनी मुर्मू बीएलडी
1980 सेठ हेम्ब्रम कांग्रेस
1984 सेठ हेम्ब्रम कांग्रेस
1989 साइमन मरांडी झामुमो
1991 साइमन मरांडी झामुमो
1996 थॉमस हांसदा कांग्रेस
1998 सोम मरांडी भाजपा
1999 थॉमस हांसदा कांग्रेस
2004 हेमलाल मुर्मू झामुमो
2009 देवीधन बेसरा भाजपा
2014 विजय हांसदा झामुमो
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola