पीएम आवास के लाभुकों के दस्तावेजों की जांच में जुटा नगर पंचायत प्रबंधन

Updated at : 02 Aug 2018 3:58 AM (IST)
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पीएम आवास के लाभुकों के दस्तावेजों की जांच में जुटा नगर पंचायत प्रबंधन

राजमहल : प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में फर्जी दस्तावेज का मामला उजागर होने के बाद नगर पंचायत प्रशासन रेस हो गया है. सभी लाभुकों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है. विदित हो कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत नगर पंचायत राजमहल के वार्ड संख्या चार में 20 लाभुकों का निवास […]

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राजमहल : प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में फर्जी दस्तावेज का मामला उजागर होने के बाद नगर पंचायत प्रशासन रेस हो गया है. सभी लाभुकों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है. विदित हो कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत नगर पंचायत राजमहल के वार्ड संख्या चार में 20 लाभुकों का निवास व आय प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है. दस्तावेजों की जांच के क्रम में पंजीयन संख्या व डिजिटल हस्ताक्षर गलत मिले हैं. जिसके आधार पर दस्तावेजों को फर्जी बताया जा रहा है.

इसके बाद से नगर पंचायत प्रशासन सभी लाभुकों के दस्तावेजों की जांच में जुट गया है. जानकारी के अनुसार राजमहल नगर पंचायत क्षेत्र में कुल 601 नये आवास स्वीकृत हुए, जिसमें से 62 आवास का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है. जिन 20 लाभुकों के दस्तावेज फर्जी पाये गये हैं, उनमें से लाभुक सलमा बीवी, सबीला बीवी ,फिरोजा बीवी एवं सेफाली बीवी को तीसरी किस्त तक का भुगतान किया जा चुका है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि फर्जी दस्तावेजों पर कैसे लाभुकों को तीसरी किस्त तक की राशि भुगतान की गयी. क्या इसके पूर्व लाभुकों के दस्तावेजों की जांच नहीं की गयी थी?

आखिर किसने बनाया फर्जी निवास व आय प्रमाण पत्र
राजमहल नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या चार में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के बीच लाभुकों के दस्तावेजों में संलग्न निवास व आय प्रमाण पत्र फर्जी पाये जाने के बाद मामला तूल पकड़ लिया है. आखिर फर्जी दस्तावेज कैसे बना. ये प्रशासन के सामने बड़ा सवाल है. फर्जी निवास व आय प्रमाण पत्र बनाने वाले को प्रशासन ढूंढ़ रहा है.
चल रहा फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले का रैकेट
सूत्रों के हवाले से खबर मिल रही है कि राजमहल के एक युवक जो किसी सरकारी पद पर कार्यरत है, उसके दस्तावेजों की जांच के क्रम में भी यह बात सामने आ रही है कि उक्त युवक द्वारा सरकारी संस्थान में जमा किये गये कागजात में निवास प्रमाण पत्र फर्जी है. हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन एक सरकारी कर्मी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर इस खबर को सही बताया है. इससे स्पष्ट होता है कि राजमहल में फर्जी निवास व आय प्रमाण पत्र बनाने में एक बड़ा रैकेट काम कर रहा है.
कहती हैं नगर प्रबंधक
नगर प्रबंधक हिमानी वाड़ा ने बताया कि वार्ड संख्या चार के अलावा अन्य लाभुकों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है. जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामला स्पष्ट हो जायेगा.
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