पोस्टमार्टम हाउस में पड़ा है 200 से अधिक शवों का बिसरा

साहिबगंज : जहरीला पदार्थ खाने या दूसरे संदेहास्पद परिस्थिति में हुई मौत के मामले में पुलिस अनुसंधान में सबसे बड़ा साक्ष्य बिसरा जांच रिपोर्ट होती है. बिसरा के माध्यम से ही डॉक्टर या पुलिस के समक्ष मौत की वजह स्पष्ट हो पाती है. इस वजह से ऐसे मामले में शव के पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर […]
साहिबगंज : जहरीला पदार्थ खाने या दूसरे संदेहास्पद परिस्थिति में हुई मौत के मामले में पुलिस अनुसंधान में सबसे बड़ा साक्ष्य बिसरा जांच रिपोर्ट होती है. बिसरा के माध्यम से ही डॉक्टर या पुलिस के समक्ष मौत की वजह स्पष्ट हो पाती है. इस वजह से ऐसे मामले में शव के पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर बिसरा को सुरक्षित रखकर जांच के लिए धनबाद व रांची के फोरेंसिंक लैब भेज देते हैं.
सदर अस्पताल में बने पोस्टमार्टम हाउस के स्टोर रूम में रखे ऐसे दर्जनों बिसरा लंबे समय से जांच के लिए फोरेंसिंक लैब नहीं भेजे गये हैं और वह असुरक्षित पड़ा है. इनमें से कई बिसरा करीब पांच साल से पड़ा है. सूत्रों के अनुसार, आवश्यक केमिकल के अभाव में यहां बिसरा नमक के घोल में डूबो कर रखा गया है. नमक के घोल में रखने से कई बार जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजे गये बिसरा को खराब हो जाने की बात कह दी जाती है. ऐसे में कई बार इन बिसरा से कुछ भी नतीजा नहीं निकल पाता है. लिहाजा ऐसे आपराधिक मामलों में अभियुक्तों को कानूनी लाभ मिल जाता है.
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