बालू खनन में पर्यावरण नियमों से समझौता नहीं

Updated at : 13 Dec 2017 5:19 AM (IST)
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बालू खनन में पर्यावरण नियमों से समझौता नहीं

लघु व खनिज उद्योग की बैठक में डीसी ने कहा दो श्रेणी में बटेंगें बालू घाट, गहराई पर रखी जायेगी विशेष ध्यान साहिबगंज : किसी भी उद्योग के लिए पर्यावरण नियम से समझौता नहीं हो सकता. यह बातें डीसी डॉ शैलेश कुमार चौरसिया ने मंगलवार को अनुमंडल कार्यालय में लघु व खनिज उद्योग की बैठक […]

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लघु व खनिज उद्योग की बैठक में डीसी ने कहा

दो श्रेणी में बटेंगें बालू घाट, गहराई पर रखी जायेगी विशेष ध्यान

साहिबगंज : किसी भी उद्योग के लिए पर्यावरण नियम से समझौता नहीं हो सकता. यह बातें डीसी डॉ शैलेश कुमार चौरसिया ने मंगलवार को अनुमंडल कार्यालय में लघु व खनिज उद्योग की बैठक की अध्यक्षता करते कही. मंगलवार को हुई बैठक में गुमानी नदी में 11 स्थानों पर बालू पाये जाने की बात सामने आयी. इसमें बालू खनन के लिए 2-3 मीटर से ज्यादा गहराई नहीं खोद सकते हैं इसके साथ साथ नही में पानी के गहराई को भी ध्यान में रख कर ही खनन किया जा सकता है.

इसके अलावा नदी की पर्यावरण को किसी भी तरह से नुकसान नहीं हो. भूगर्भशास्त्रियों को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट जमा करने को कहा है, जो डीएफओ मनीष तिवारी के निगरानी में होगी. इसके अलावा टीम राजमहल में पाये जानेवाले खनिज का भी आंकलन कर रिपोर्ट सौंपेंगे. मौके पर एसडीओ अमित प्रकाश, डॉ रंजीत कुमार सिंह, डॉ सीताराम सिंह, दुमका भू वैज्ञानिक सुभाष रविदास व अन्य उपस्थित थे.

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