Ranchi news : हाइकोर्ट ने सरकार से पूछा, निकट भविष्य में टेट आयोजित करने का इरादा है या नहीं

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Ranchi news : हाइकोर्ट ने सरकार से पूछा, निकट भविष्य में टेट आयोजित करने का इरादा है या नहीं

राज्य में नाै साल से टेट का आयोजन नहीं होने पर झारखंड हाइकोर्ट गंभीर, सरकार से पूछा सवाल

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: राज्य में नाै साल से टेट का आयोजन नहीं होने पर झारखंड हाइकोर्ट गंभीर, सरकार से पूछा सवाल -स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के सचिव को शपथ पत्र दायर करने का निर्देश. -मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी. रांची. झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने राज्य में नाै वर्षों से शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) आयोजित नहीं होने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई की. अदालत ने नाै वर्षों से टेट का आयोजन नहीं होने को गंभीरता से लिया. अदालत ने राज्य में परीक्षा आयोजित करने की सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव को शपथ पत्र दायर कर अदालत को सरकार के इरादे से अवगत कराने का निर्देश दिया है कि क्या वह निकट भविष्य में टेट आयोजित करेगी या नहीं?. यदि टेट आयोजित करने का इरादा है, तो परीक्षा आयोजित करने की समय सीमा की जानकारी दें और स्पष्ट करें. अदालत ने सुनवाई करते हुए पाया कि राज्य में 2016 से परीक्षा आयोजित नहीं की गयी है. अदालत ने यह भी कहा कि परीक्षा आयोजित नहीं होने की स्थिति में केवल 2016 में उत्तीर्ण उम्मीदवार ही इन परीक्षाओं के लिए पात्र होंगे. इसका सीधा प्रभाव यह है कि हर बार जब शिक्षकों की भर्ती की जाती है, तो केवल 2016 में परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों पर ही विचार किया जाता है और जो युवा चयन प्रक्रिया में भाग ले सकते थे, उन्हें केवल इसलिए बाहर रखा जाता है, क्योंकि उन्होंने टेट उत्तीर्ण नहीं की है, क्योंकि झारखंड राज्य में 2016 के बाद यह परीक्षा आयोजित नहीं की गयी है. यह युवाओं को सहायक शिक्षक के रूप में सरकारी सेवाओं में प्रवेश से वंचित करने के समान है. शपथ पत्र दायर करने का निर्देश देते हुए अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 सितंबर की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से बताया गया कि वर्ष 2016 के बाद से टेट आयोजित नहीं किया गया है़, जबकि एनसीटीइ के दिशा निर्देशों के अनुसार वर्ष में कम से कम एक बार परीक्षा आयोजित की जानी हैं. राज्य सरकार एनसीटीइ के निर्देशों का पालन नहीं कर रही है. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी नीलम कुमारी ने याचिका दायर की है.

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Deepesh Kumar

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