Ek Gaon Ek Fasal Yojana : क्या है एक गांव-एक फसल योजना? 100 गांव होंगे चयनित

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 16 Nov 2025 9:23 AM

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एक गांव-एक फसल योजना (Photo: AI)

Ek Gaon Ek Fasal Yojana : किसानों के हित के लिए कृषि मंत्री ने एक गांव-एक फसल योजना की पहल की है. उन्होंने जिलों को पत्र लिखा है. क्लस्टर अप्रोच में गांव का चयन होगा. एक गांव में एक प्रकार की फसलों का प्रत्यक्षण होगा.

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Ek Gaon Ek Fasal Yojana : (मनोज सिंह) झारखंड का कृषि विभाग इस बार बिरसा फसल विस्तार योजना के तहत एक गांव-एक फसल योजना पर काम करेगा. इसके लिए 100 गांव का चयन किया जायेगा. इसके लिए क्लस्टर अप्रोच में गांव का चयन होगा. पहले छोटे-छोटे रकबों में अलग-अलग फसलों का प्रत्यक्षण होता था. इस कारण इसका असर नहीं दिखता था. विभागीय मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने इस बार अधिकारियों को इस योजना के तहत एक गांव-एक फसल योजना पर काम करने का निर्देश दिया है. इसके तहत एक गांव में एक ही प्रकार की फसलों का प्रत्यक्षण होगा. उप कृषि निदेशक (योजना) ने इससे संबंधित पत्र सभी जिलों के जिला कृषि पदाधिकारी तथा अनुमंडल कृषि पदाधिकारी को लिखा है.

तेलहन के लिए 16101 हेक्टेयर जमीन का चयन

विभाग ने तय किया है कि सभी जिलों के 100 गांवों में कुल 16101 हेक्टेयर जमीन पर तेलहन की खेती होगी. किसानों को प्रति हेक्टेयर छह किलो तेलहन का बीज दिया जायेगा. टरफा के तहत 50 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से किसानों के बीच चना बीज का वितरण होगा. कुल 5710 हेक्टेयर में टरफा के तहत चना दाल बांटी जायेगी. एनएफएसएनएम के तहत तीन हजार हेक्टेयर में चना बीज बांटा जायेगा. 1900 हेक्टेयर में मसूर का बीज टरफा के तहत बांटा जायेगा. करीब 1600 हेक्टेयर में एनएफएसएनएम के तहत मसूर बीज बांटा जायेगा. करीब 1900 हेक्टेयर टरफा के तहत मूंग का बीज बांटा जायेगा. सभी बीजों का वितरण करने के लिए 100-100 गांव का चयन किया गया है.

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खरीफ के चयनित किसानों को नहीं मिलेगा लाभ

खरीफ सीजन में जिस गांव को सरकारी स्कीम का लाभ मिला है, उनको लाभ नहीं दिया जायेगा. विभागीय मंत्री को जानकारी मिली था कि कई बार एक ही गांव के किसानों को लाभ दिया जाता था. इससे स्कीम का असर नहीं दिखता था.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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