संवाददाता, हजारीबाग/रांची. झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने मंगलवार को हजारीबाग एसपी के सभा कक्ष में एनटीपीसी के डीजीएम कुमार गौरव की हत्या मामले में चल रहे अनुसंधान की समीक्षा की. इसमें बोकारो जोन के आइजी एस माइकल राज, डीआइजी संजीव कुमार एवं एसपी अरविंद कुमार सिंह शामिल थे. इसके बाद डीजीपी अनुराग गुप्ता ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि वह अपराध मुक्त झारखंड बनाना चाहते हैं. एनटीपीसी के जवान अधिकारी की हत्या होना बहुत ही दुखद है. पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. इस तरह की घटना पुलिस के लिए चुनौती है. डीजीएम हत्या मामले में पुलिस को कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है. लेकिन उन्होंने आशा जतायी कि जल्द ही पुलिस अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफल होगी. हत्या के अलग-अलग बिंदुओं पर पुलिस अनुसंधान कर रही है. डीजीपी ने कहा कि एनटीपीसी के किसी भी अधिकारी को लेवी के लिए धमकी देने की बात सामने नहीं आयी है. डीजीपी ने कहा कि एनटीपीसी के अधिकारियों के लिए सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया जायेगा. पुलिस इसकी विस्तृत योजना बना रही है. हजारीबाग-बड़कागांव मार्ग स्थित फतहा चौक पर शीघ्र ही एक पुलिस ओपी खोला जायेगा. डीजीपी ने एनटीपीसी के अधिकारियों से कहा कि वह इस मार्ग में अधिक से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगायें. उन्हाेंने कहा कि सभी जगहों पर पुलिस की तैनाती संभव नहीं है. इस तरह की आपराधिक घटनाओं का उदभेदन करने में नयी तकनीकों से मदद मिलती है. जिस वाहन से एनटीपीसी के अधिकारी व कर्मचारी आते-जाते हैं, उन वाहनों में सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्देश दिया है. डीजीपी ने कहा कि हजारीबाग कोयलांचल क्षेत्र में तीन गैंग सक्रिय हैं. इनमें अमन साहू गिरोह, अमन श्रीवास्तव और विकास तिवारी गैंग शामिल हैं. ये गिरोह इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि धनबाद जेल में छापामारी की गयी थी. छापेमारी में मोबाइल बरामद हुआ है.
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