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Ranchi News: जिस व्यक्ति के अंदर शिक्षा होती है, वो पद से बड़ा होता है : राधाकृष्ण किशोर

Updated at : 12 Jan 2025 12:26 AM (IST)
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Ranchi News: जिस व्यक्ति के अंदर शिक्षा होती है, वो पद से बड़ा होता है : राधाकृष्ण किशोर

Ranchi News :जिस व्यक्ति के अंदर शिक्षा होती है, वो पद से बड़ा होता है. गुरु परम ब्रह्म हैं. भारतीय समाज और व्यवस्था को शिक्षा के माध्यम से कैसे व्यवस्थित किया जाये, इसकी जरूरत है.

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रांची. जिस व्यक्ति के अंदर शिक्षा होती है, वो पद से बड़ा होता है. गुरु परम ब्रह्म हैं. भारतीय समाज और व्यवस्था को शिक्षा के माध्यम से कैसे व्यवस्थित किया जाये, इसकी जरूरत है. भारतीय शिक्षा प्रणाली को अगर मजबूत करना है, तो हमें अपने अंदर झांकने की जरूरत है और इस राष्ट्रीय सेमिनार के माध्यम से इसको देखना है. ये बातें शनिवार को डोरंडा कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के उदघाटन के अवसर पर मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहीं.

मानव धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं

सेमिनार का विषय है इंडियन नॉलेज सिस्टम : एन ओरिएंटल रेनिसेंस. मंत्री श्री किशोर ने कहा कि राष्ट्रगान की दो पंक्तियों में पूरे भारतवर्ष का दर्शन छिपा है. इस दर्शन को समझ लिया, तो नये भारत के निर्माण को कोई रोक नहीं सकता है. जिस दिन हमारे अंदर शिक्षा और चरित्र का समावेश हो जायेगा, उस दिन भारत के सामने विश्व का कोई भी देश नहीं टिकेगा. मैं तो यही मानता हूं कि सही शिक्षा वही है, जो मानव को मानव से प्यार करना सिखाये. मानव धर्म से बड़ा कोई धर्म हो ही नहीं सकता. इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में रांची विवि के कुलपति डॉ अजीत कुमार सिन्हा, की-नोट स्पीकर के रूप में जेएनयू के प्रोफेसर शाउगाता भादुड़ी, पटना विवि के पूर्व कुलपति प्रो आरबीपी सिंह, डॉ सोहन भारती, प्राचार्य डॉ राजकुमार शर्मा, डॉ शिल्पी सिंह, शालिनी सहित अन्य मौजूद थे.

हम यूथ को कल के लिए करें तैयार : कुलपति

रांची विवि के कुलपति डॉ अजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि हम भारतीय ज्ञान परंपरा की बात करते हैं, लेकिन अपने ही घर में इसका पालन नहीं करते हैं. इसके लिए सबसे पहले हमें अपनी संस्कृति को सुधारने की जरूरत है. शिक्षकों से अनुरोध है कि हम यूथ को कल के लिए तैयार करें. इस आधुनिकता के दौर में भारत की पुरानी ज्ञान परंपरा एवं संस्कृति के संरक्षण हेतु युवाओं को आगे आने की जरूरत है ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी भारत की महान विरासत को संरक्षित कर सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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