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राज्य में अब डीएसपीएमयू सहित चार अनुसंधान प्रधान श्रेणी के सरकारी विवि होंगे

Updated at : 30 Aug 2025 12:34 AM (IST)
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राज्य में अब डीएसपीएमयू सहित चार अनुसंधान प्रधान श्रेणी के सरकारी विवि होंगे

झारखंड में अब विवि दो श्रेणियों में बंटे होंगे. इनमें एक संबद्धता प्रधान विवि होंगे, जो अपने क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न संस्थानों को शिक्षण के लिए संबद्धता प्रदान करेंगे.

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रांची. झारखंड में अब विवि दो श्रेणियों में बंटे होंगे. इनमें एक संबद्धता प्रधान विवि होंगे, जो अपने क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न संस्थानों को शिक्षण के लिए संबद्धता प्रदान करेंगे. वहीं दूसरी श्रेणी में वैसे विवि आयेंगे, जो शिक्षण के साथ-साथ अनुसंधान पर फोकस करेंगे. इन विवि को किसी अन्य संस्थान को संबद्धता देने का अधिकार नहीं होगा. संबद्धता प्रधान श्रेणी में कुल नौ विवि हैं, जबकि अनुसंधान प्रधान श्रेणी में कुल चार विवि हैं. संबद्धता प्रधान विवि में रांची में स्थापित रांची विवि होंगे, जिनका क्षेत्राधिकार दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल रहेगा. इसी प्रकार हजारीबाग में स्थापित विनोबा भावे विवि का क्षेत्राधिकार उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल (गिरिडीह, कोडरमा, धनबाद व बोकारो जिला को छोड़ कर) होगा. धनबाद में स्थापित विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विवि का क्षेत्राधिकार बोकारो व धनबाद जिला, चाईबासा में स्थापित कोल्हान विवि का क्षेत्राधिकार कोल्हान प्रमंडल होगा. दुमका में स्थापित सिदो-कान्हू मुर्मू विवि का क्षेत्राधिकार संताल परगना प्रमंडल होगा. मेदिनीनगर में स्थापित नीलांबर-पीतांबर विवि का क्षेत्राधिकार पलामू प्रमंडल होगा. देवघर में स्थापित बाबा बैद्यनाथ संस्कृत विवि का क्षेत्राधिकार झारखंड राज्य होगा. रांची में स्थापित झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी का क्षेत्राधिकार झारखंड राज्य होगा. जबकि गिरिडीह में स्थापित सर जेसी बोस विवि का क्षेत्राधिकार गिरिडीह एवं कोडरमा जिला होगा. दूसरी ओर अनुसंधान प्रधान श्रेणी में रांची में स्थापित डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि (डीएसपीएमयू), जमशेदपुर में स्थापित जमशेदपुर महिला विवि, जमशेदपुर में ही स्थापित पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विवि तथा रांची में स्थापित झारखंड रक्षा शक्ति विवि शामिल हैं. इन चारों विवि का क्षेत्राधिकार झारखंड राज्य होगा.

विवि में अब 18 अलग-अलग निदेशक होंगे

राज्य के सरकारी विवि में अब अलग-अलग विभाग के अलग-अलग 18 निदेशक होंगे. इनमें डीएसडब्ल्यू का नाम बदल कर अब निदेशक छात्र मामले किया जा रहा है. इसी प्रकार अंगीभूत कॉलेज व संबद्ध कॉलेज के लिए भी अलग-अलग निदेशक होंगे. इसके अलावा विवि अध्ययन केंद्र निदेशक, अनुसंधान, नवाचार, संवर्द्धन संपर्क एवं उद्यमिता निदेशक सहित ज्ञान संसाधन केंद्र, राष्ट्रीय सेवा योजना, खेलकूद व शारीरिक शिक्षा, छात्र कला और संस्कृति, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ, समावेशी शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, आजीवन अधिगम एवं शिक्षा, मानव संसाधन प्रबंधन, इंटर्नशिप अप्रेंटिसशिप व प्लेसमेंट, संपदा एवं सुविधा प्रबंधन, जनसंपर्क एवं सामुदायिक प्रसार तथा विवि के क्षेत्रीय केंद्र के नाम से विभाग के अलग-अलग निदेशक होंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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