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Ranchi news : जिलों ने 50 हजार बच्चों को पैसा दिया नहीं, पर पोशाक मिलने की रिपोर्ट दे दी

Updated at : 19 Jun 2025 12:39 AM (IST)
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Ranchi news : जिलों ने 50 हजार बच्चों को पैसा दिया नहीं, पर पोशाक मिलने की रिपोर्ट दे दी

सरकार ने योजना के लिए दिया पैसा, पर जिलों ने बच्चों को उपलब्ध नहीं कराया. पोशाक वितरण की रिपोर्ट में गड़बड़ी, विभाग ने फिर से मांगी जानकारी.

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रांची. वित्तीय वर्ष 2024-25 में सरकार द्वारा राशि उपलब्ध कराये जाने के बाद भी राज्य के सभी बच्चों को योजना का लाभ नहीं मिला. पोशाक वितरण को लेकर जिलों द्वारा भेजी गयी रिपोर्ट में गड़बड़ी भी है. जिलों द्वारा दी गयी रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 50 हजार ऐसे बच्चे हैं, जिन्हें पोशाक मिलने की बात तो कही गयी है, पर खर्च की गयी राशि से इसकी पुष्टि नहीं होती है.

औसत से कम संख्या में बच्चों को पोशाक मिली

कुछ जिलों ने जितने बच्चों को पोशाक देने की बात कही, उसके अनुरूप राशि ट्रांसफर नहीं की गयी है. इन जिलों में औसत से कम संख्या में बच्चों को पोशाक मिली है. कोडरमा में 82 व हजारीबाग में 78 फीसदी बच्चों को पोशाक मिली. राज्य में कुछ जिलों ने पोशाक वितरण को लेकर जो रिपोर्ट झारखंड शिक्षा परियोजना को उपलब्ध करायी है, उनमें दी गयी राशि व बच्चों की संख्या में एकरूपता नहीं है. जिलों द्वारा जितने बच्चों को पोशाक देने की बात कही गयी है, उसके अनुरूप राशि खर्च नहीं की गयी है. झारखंड शिक्षा परियोजना ने संबंधित जिलों के जिला शिक्षा अधीक्षक को इस संबंध में फिर से रिपोर्ट देने को कहा है. राज्य में देवघर, जामताड़ा व लातेहार में शत-प्रतिशत बच्चों को पोशाक मिली है. राज्य में पिछले वर्ष 95 फीसदी बच्चों को पोशाक मिली.

इन जिलों की रिपोर्ट में गड़बड़ी

देवघर में 2935, लातेहार में 6776, गिरिडीह में 2714, दुमका में 7665, चतरा में 2473, सरायकेला में 11668, बोकारो में 8451, धनबाद में 2235, गढ़वा में 2067 और हजारीबाग में 6822 बच्चों को पोशाक देने की रिपोर्ट दी गयी है. इन बच्चों को पोशाक देने की बात तो कही गयी है, पर इसके अनुरूप राशि खर्च नहीं की गयी है. राज्य में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को समग्र शिक्षा अभियान के तहत नि:शुल्क पोशाक उपलब्ध करायी जाती है.

बैंक खाता में ट्रांसफर की जाती है राशि

पोशाक की राशि बच्चों के बैंक खाता में ट्रांसफर की जाती है. सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली कक्षा आठ तक की सभी वर्ग की छात्राओं और एससी-एसटी के छात्रों की पोशाक के लिए 60 फीसदी राशि भारत सरकार व 40 फीसदी राशि राज्य सरकार देती है. शेष बच्चों के लिए शत-प्रतिशत राशि राज्य सरकार देती है.

74 फीसदी बच्चों को ही मिला जूता-मोजा

वर्ष 2024-25 में शत-प्रतिशत बच्चों को जूता-मोजा भी नहीं मिला है. जिलों द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार, कक्षा छह से आठ तक के 74 फीसदी बच्चों को ही जूता-मोजा की राशि मिली है. कुछ जिलों में राज्य के कुल औसत से कम बच्चों को जूता-मोजा मिला है. इसमें हजारीबाग में 72 फीसदी, जामताड़ा में 70 फीसदी, कोडरमा में 69 फीसदी, धनबाद में 60 फीसदी, गोड्डा में 58 फीसदी व चतरा में 57 फीसदी बच्चों को ही इस मद में राशि दी गयी है. जिलों को निर्देश दिया गया है कि बच्चों को जल्द राशि उपलब्ध करायें.

तीन जिला ने एक भी बच्चा को नहीं दी राशि

रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में केवल लातेहार जिला में शत-प्रतिशत बच्चों को जूूता-मोजा का वितरण हुआ है. राज्य के तीन जिला में पिछले वर्ष एक भी बच्चा को जूता -मोजा की राशि नहीं मिली. इनमें लोहरदगा, सिमडेगा व पूर्वी सिंहभूम जिले शामिल हैं. सरकार द्वारा उपलब्ध कराये जाने के बाद भी बच्चों को राशि नहीं मिली.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJIV KUMAR

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RAJIV KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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