झारखंड के 1250 स्कूल-कॉलेजों में हड़ताल, लटके रहे ताले, बैरंग लौटे छात्र, 19 दिसंबर को विधानसभा के समक्ष धरना

झारखंड वित्तरहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि बिहार में चार लाख नियोजित शिक्षकों को सरकार राज्यकर्मी का दर्जा देने जा रही है. इसके लिए नियमावली बन कर तैयार हो गयी है, जबकि झारखंड में 10000 शिक्षक कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा नहीं मिल रहा है.
रांची, राणा प्रताप: झारखंड में संचालित वित्तरहित इंटर कॉलेज, हाईस्कूल, संस्कृत स्कूल व मदरसा में सोमवार को शैक्षणिक हड़ताल रही. 1250 शिक्षण संस्थानों के प्रवेश द्वार पर ताला लटकता रहा. पठन-पाठन सहित अन्य शैक्षणिक गतिविधियां ठप रहीं. हजारों विद्यार्थी स्कूल-कॉलेज पहुंच गए थे, लेकिन ताला लगे रहने के कारण निराश होकर लौट गए. अनुदान की राशि चौगुना करने और वित्तरहित अनुदानित इंटर कॉलेज, हाईस्कूल, संस्कृत स्कूल व मदरसा के शिक्षाकर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने, वेतन देने की मांग को लेकर लगभग 10,000 शिक्षकों व कर्मचारियों ने अपने-अपने संस्थानों में प्रदर्शन किया व नारेबाजी की. झारखंड वित्तरहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर लंबित मांगों को लेकर मोर्चा के तत्वावधान में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है. मोर्चा की बैठक कुंदन कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई. इसमें 19 दिसंबर को झारखंड विधानसभा के समक्ष महाधरना कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गयी.
राज्यकर्मी का नहीं मिल रहा दर्जा
झारखंड वित्तरहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि बिहार में चार लाख नियोजित शिक्षकों को सरकार राज्यकर्मी का दर्जा देने जा रही है. इसके लिए नियमावली बन कर तैयार हो गयी है, जबकि झारखंड में 10000 शिक्षक कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा नहीं मिल रहा है. ये शिक्षक-कर्मी पिछले 25-30 वर्षों से वित्तरहित स्कूल- इंटर कॉलेजों में पठन-पाठन का कार्य कर रहे हैं. वेतन के नाम पर एक रुपया भी नहीं मिलता है. चौगुना अनुदान देने पर विभागीय मंत्री के अनुमोदन के बाद भी आठ माह हो गये हैं, लेकिन अब तक संलेख कैबिनेट में नहीं भेजा गया है. मुख्यमंत्री ने विधानसभा में राज्यकर्मी का दर्जा देने का और वेतन देने का आश्वासन दिया था. मुख्यमंत्री के आश्वासन के आलोक में शिक्षा विभाग ने नियमावली बनाने के लिए और वेतन देने के लिए कार्मिक विभाग को पत्र भी लिखा है, लेकिन कार्मिक विभाग प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा रहा है.
19 दिसंबर को झारखंड विधानसभा के समक्ष महाधरना
मोर्चा की बैठक कुंदन कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई. इसमें 19 दिसंबर को झारखंड विधानसभा के समक्ष महाधरना कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गयी. इस अवसर पर सुरेंद्र झा, रघुनाथ सिंह, संजय कुमार, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, फजलुल कादरी अहमद, अरविंद कुमार सिंह, मनीष कुमार, नरोत्तम सिंह, गणेश महतो, चंदेश्वर पाठक, अनिल तिवारी, देवनाथ सिंह, बिरसो उराव, रघु विश्वकर्मा, मनोज तिर्की, रंजीत मिश्रा सहित कई अन्य उपस्थित थे.
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लेखक के बारे में
By Guru Swarup Mishra
मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.
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