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Tax Evasion In Jharkhand : 1600 करोड़ का व्यापार कर झारखंड के 31 व्यापारी फरार, राजस्व के रूप में सरकार को हुआ इतने करोड़ का नुकसान

By Prabhat Khabar Print Desk
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Jharkhand News : 1600 करोड़ का व्यापार कर झारखंड के 31 व्यापारी फरार
Jharkhand News : 1600 करोड़ का व्यापार कर झारखंड के 31 व्यापारी फरार
प्रतीकात्मक फोटो.

Jharkhand News, Ranchi News In Hindi, Businessmen Tax Evasion Cases In Jharkhand रांची : झारखंड के 12 जिलों के 31 व्यापारियों ने एक साल के दौरान 1600 करोड़ रुपये का व्यापार किया और सरकार को 150 करोड़ के राजस्व का नुकसान पहुंचा कर फरार हो गये. इनमें 100 करोड़ से अधिक का व्यापार करनेवाले रांची, हजारीबाग, धनबाद (झरिया) और दुमका जिले के व्यापारी भी शामिल हैं. इनमें सबसे ज्यादा कोयला व्यापारी हैं.

केंद्रीय सेवा कर एवं उत्पाद शुल्क विभाग ने इस सिलसिले में बिहार, प बंगाल और यूपी सरकार को अलर्ट भेजा है. इन व्यापारियों की सामग्रियों का उपभोग करनेवाले इन्हीं राज्यों के हैं. फरार होने वालों में रांची के चार, हजारीबाग व रामगढ़ के पांच-पांच, धनबाद के छह, बोकारो, कोडरमा व दुमका जिले के दो-दो और साहिबगंज, लोहरदगा, गुमला, देवघर व डालटनगंज के एक-एक व्यापारी हैं.

फरार हुए हजारीबाग के व्यापारियों ने 29094 करोड़, झरिया के व्यापारियों ने 250.74 करोड़, रांची के व्यापारियों ने 210.30 करोड़, रामगढ़ के व्यापारियों ने 167.66 करोड़ और दुमका के व्यापारियों ने 154.29 करोड़ का व्यापार किया है.

अकेले 100 करोड़ से अधिक का व्यापार कर भागनेवालों में सबसे बड़ा नाम झरिया की लोकनाथ ट्रेडिंग कंपनी का है. इस कंपनी ने 129 करोड़ रुपये का व्यापार किया. हजारीबाग के अफरोज अंसारी के नाम पर 126.73 करोड़ रुपये, दुमका की मां भद्रकाली स्टील के नाम पर 123.55 करोड़ रुपये और रांची के कुमार ट्रेडर्स के नाम पर 100.92 करोड़ रुपये का व्यापार करने के बाद संबंधित व्यवसायी अपने-अपने ठिकानों से लापता हैं.

उपभोक्ताओं के दस्तावेज का इस्तेमाल किया

जांच के दौरान पता चला है कि व्यापारियों ने जालसाजी के लिए उपभोक्ताओं के आधार और अन्य दस्तावेज का इस्तेमाल किया है. दरअसल, ग्रामीण क्षेत्र में अपना घर बनाने के लिए लोग खुद ईंट बनवाते हैं. ऐसे लोगों द्वारा एक ट्रक या उससे अधिक कोयला खरीदा जाता है. नियमानुसार, इतना कोयला खरीदनेवाले के पास जीएसटीएन होना चाहिए. लेकिन निजी इस्तेमाल करने के लिए ईंट बनवानेवालों के पास जीएसटीएन नहीं होता है. एेसी स्थिति में कोयला व्यापारी उनसे आधार और पैन कार्ड की फोटो कॉपी ले लेते हैं.

व्यापारी की ओर से कहा जाता है कि उन्हें अपना रिटर्न दाखिल करते वक्त यह बताना पड़ेगा कि उन्होंने कोयला किसे बेचा. इस पर लोग व्यापारी को अपने आधार और पैन कार्ड की फोटो कॉपी दे देते हैं. इससे इन व्यापारियों के पास एक बड़ा डाटा बैंक तैयार हो जाता है. जालसाज व्यापारी इन्हीं दस्तावेज का इस्तेमाल कर व्यापारिक प्रतिष्ठान का निबंधन कराते हैं और करोड़ों का व्यापार करने के बाद प्रतिष्ठान बंद कर देते हैं.

गायब होनेवालों व्यापारियों का ब्योरा

व्यापारी-प्रतिष्ठान स्थान राशि

मां शारदे कोल ट्रेडिंग रांची 34.09

मां लक्ष्मी इंटरप्राइजेज रांची 14.71

राजधानी ट्रेडिंग कंपनी रांची 60.58

कुमार ट्रेडर्स रांची 100.92

मां भवानी ट्रेडर्स रामगढ़ 44.44

जय मां तारा इंटरप्राइजेज रामगढ़ 41.65

शिव शंभू कोल डिपो रामगढ़ 41.50

भोलेनाथ कोल डिपो रामगढ़ 3.22

जय अंबे कोल डिपो रामगढ़ 36.85

सुकन्या इंटरप्राइजेज बोकारो 20.75

गोविंद ट्रेडिंग कंपनी बोकारो 43.87

अफरोज अंसारी हजारीबाग 126.73

786 कोल डिपो हजारीबाग 50.45

मां भद्रकाली कोल डिपो हजारीबाग 29.31

मुंडा कोल डिपो हजारीबाग 49.39

भैरव नाथ कोल डिपो हजारीबाग 35.06

व्यापारी-प्रतिष्ठान स्थान राशि

हरिओम इंटरनेशनल धनबाद 48.50

बीएस इंटरप्राइजेज धनबाद 35.07

एमबीएस ट्रेडिंग कंपनी धनबाद 13.49

गणेश इंटरप्राइजेज धनबाद 16.03

जेजे इंटरप्राइजेज धनबाद 8.27

लोकनाथ ट्रेडिंग कंपनी झरिया 129.38

नीलम मेटल्स कोडरमा 4.26

ख्वाजा कोल ट्रेडिंग कोडरमा 31.85

मां भद्रकाली स्टील दुमका 123.55

एल्यूमीनियम एंड एलॉय ट्रेडर्स

शिव शंकर कोल एंड दुमका 30.74

स्टील एलॉय ट्रेडर्स

बिरकांड ट्रेडर्स साहेबगंज 101.66

खान इंटरप्राइजेज लोहरदगा 18.36

शिव शक्ति इंटरप्राइजेज गुमला 35.55

राजीव कुमार डालटनगंज 20.63

प्रेम कुमार देवघर 50.48

Posted By : Sameer Oraon

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