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Shibu Soren: टुंडी के जंगलों में गुरुजी की चलती थी समानांतर सरकार, अदालत लगाकर सुनाते थे फैसला

Updated at : 04 Aug 2025 3:09 PM (IST)
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Shibu Soren

Shibu Soren (File Photo)

Shibu Soren: दिशोम गुरु शिबू सोरेन अब हमारे बीच नहीं हैं. आज सोमवार को उन्होंने दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में आखिरी सांस ली. झारखंड के पूर्व सीएम और झामुमो के संस्थापक संरक्षक रहे शिबू सोरेन टुंडी के जंगलों में समानांतर सरकार चलाते थे. उनकी अपनी न्याय व्यवस्था थी. वे अदालत लगाकर फैसला सुनाते थे. धनबाद इनके संघर्ष का गवाह है. उन्होंने टुंडी के पास पोखरिया में आश्रम बनाया था. धनबाद के तत्कालीन डीसी और मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद उन्होंने सरेंडर किया था और जेल गए थे.

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Shibu Soren: रांची-झारखंड के पूर्व सीएम और झामुमो के संस्थापक संरक्षक रहे शिबू सोरेन टुंडी के जंगलों में समानांतर सरकार चलाते थे. उनकी अपनी न्याय व्यवस्था थी. वे अदालत लगाते थे और फैसला सुनाते थे. धनबाद इनके संघर्ष का गवाह है. उन्होंने टुंडी के पास पोखरिया में आश्रम बनाया था. टुंडी के आसपास महाजनों के कब्जे से संथालों की जमीन मुक्त करायी थी. आदिवासियों के उत्थान के लिए सामूहिक खेती, पशुपालन, रात्रि पाठशाला जैसे कई कार्यक्रम चलाए थे. तोपचांची के पास जंगल में एक दारोगा की हत्या के बाद शिबू सोरेन को किसी भी हाल में पकड़ने का सरकार ने आदेश दिया था. धनबाद के तत्कालीन उपायुक्त केबी सक्सेना ने गुरुजी से जंगल में उनके अड्डे पर मुलाकात की थी और उन्हें मुख्य धारा में शामिल करने के लिए राजी किया था.

टुंडी थाना प्रभारी जब गुरुजी के पोखरिया आश्रम पहुंचे

वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार सिन्हा की पुस्तक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के अनुसार धनबाद में नए डीसी के रूप में लक्ष्मण शुक्ल आए. उनसे केबी सक्सेना ने शिबू सोरेन का जिक्र किया. वह खुद शिबू सोरेन से मिलने किंचिग्या के साथ पलमा गए. इस मुलाकात में भी गुरुजी से मुख्यधारा में शामिल होने को कहा गया. तब तक शिबू सोरेने ने भी मन बना लिया था. इस बीच 1975 के जाड़े के समय टुंडी के तत्कालीन थाना प्रभारी किचिंग्या उनके पोखरिया आश्रम पहुंचे. शिबू सोरेन से उन्होंने कहा कि डीसी साहब थाना आए हुए हैं. आपको बुलाया गया है. शिबू सोरेन के डीसी से संबंध अच्छे थे. इसलिए वे मिलने चले गए. उन्हें बताया गया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र से आपकी बात करायी जाएगी और मामलों को खत्म करने पर विचार होगा.

तत्कालीन सीएम के आश्वासन के बाद गुरुजी ने किया था सरेंडर

शिबू सोरेन टुंडी थाना पहुंचे. तत्कालीन धनबाद डीसी से उनकी बातें हुईं. गुरुजी को आश्वस्त किया गया कि धीरे-धीरे आपके सारे केस खत्म कर दिए जाएंगे, लेकिन पहले आपको जेल जाना होगा. शिबू सोरेन इन बातों से सहमत हो गए. फिर रात में उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री से बात करायी गयी. उन्होंने भी आश्वासन दिया. इसके बाद शिबू सोरेन आश्वस्त हुए और सरेंडर करने के बाद उन्हें जेल भेजा गया.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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