मां सरस्वती की प्रतिमाएं बनाने में जुटे मूर्तिकार

माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनायी जानेवाली सरस्वती पूजा 23 जनवरी दिन शुक्रवार को मनाया जायेगा.
खलारी. माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनायी जानेवाली सरस्वती पूजा 23 जनवरी दिन शुक्रवार को मनाया जायेगा. इस दिन माता सरस्वती की पूजा विधि-विधान से की जाती है. मान्यता के अनुसार मां सरस्वती को विद्या, बुद्धि, कला और ज्ञान की देवी माना जाता है. यही कारण है कि इस दिन विद्यार्थी और कलाकार माता सरस्वती की विशेष उपासना कर ज्ञान, विवेक और सफलता का आशीर्वाद मांगते हैं. जिसकी तैयारियां अभी से शुरू हो गयी है और खलारी के ग्राम जेहलीटांड में मूर्तिकार मां सरस्वती की प्रतिमाएं बनाने में जुटे हुए हैं. मूर्तिकार पूरे उत्साह के साथ काम कर रहे हैं. मूर्तिकार मिट्टी और धान के पुआल से मूर्तियों को रूप दे रहे हैं. प्रतिमाओं की ऊंचाई दो फीट से लेकर नौ फीट तक है, और उनकी कीमत 1500 रुपये से लेकर 10000 रुपये तक निर्धारित की गयी है. मूर्तिकार तय समय तक मूर्तियों को अंतिम रूप देने के लिए जुटे हुए हैं. मूर्तिकार प्रमोद प्रजापति ने बताया कि खलारी, एनके-पिपरवार और आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं द्वारा अब तक 65 मूर्तियों का ऑर्डर मिला है और 110 प्लस मूर्तियां बन चुके हैं. उनका कहना है कि वे बसंत पंचमी के अवसर पर मां सरस्वती की प्रतिमाएं बनाने के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं.
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