रांची. राज्य के अति उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों का काम काफी धीमा है. साल भर में बहुत ही कम काम हो सका है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में झारखंड को 500 किमी सड़कों का निर्माण कराना था, पर यहां अब तक करीब 70 किमी ही सड़क का निर्माण हो सका है. यानी 15 प्रतिशत भी सड़क का निर्माण नहीं कराया जा सका है. वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है. ऐसे में कुछ ही किमी और सड़क का निर्माण कराया जा सकेगा. इंजीनियरों का कहना है कि इस योजना की उपलब्धि 20 प्रतिशत भी पहुंचना मुश्किल है. जानकारी के मुताबिक, रोड कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट फोर लेफ्ट विंग एक्सट्रिमिज्म एरिया (आरसीपीएलडब्ल्यूइए) के तहत भारत सरकार ने झारखंड को सड़कों की योजनाएं दी थी. इस योजना से अति उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों की योजनाएं ली जानी है. जहां प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना या राज्य की मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से सड़कें नहीं ली जा सकी हैं, वहां इस योजना से सड़कों का निर्माण कराना है. यह भी प्रावधान है कि जहां किसी भी योजना से सड़कें नहीं ली गयी हैं, वहां आरसीपीएलडब्ल्यूइए से सड़क योजनाएं ले ली जायें. इसका भी क्रियान्वयन पीएमजीएसवाइ के तहत होना है.
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