Ranchi news : बंधुआ मजदूरी कराने के मामले में हजारीबाग डीसी से मांगी रिपोर्ट
Author Rajiv kumar
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एनएचआरसी को एक शिकायत मिली थी, जिसमें बताया गया था कि नाबालिगों समेत करीब 32 मजदूरों को पकड़कर हजारीबाग में आरएच मार्का ईंट भट्टे पर आठ महीने तक बिना पैसे दिये काम करने के लिए विवश किया गया.
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रांची.
हजारीबाग जिला स्थित एक ईंट भट्ठा में बंधुआ मजदूरी कराने के मामले में एक शिकायत के आधार पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संज्ञान लिया है. इस मामले में एनएचआरसी ने हजारीबाग डीसी को जांच का आदेश दिया है. जांच पूरी कर दो माह में रिपोर्ट मांगी गयी है. जांच के दौरान इस बात का ध्यान रखने को कहा गया है कि जांच भारत सरकार के लेबर और इंप्लॉयमेंट मिनिस्ट्री के एसओपी के आधार पर हो. लेबर के मामले की जांच बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम-1976 और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार होनी चाहिए. यदि कोई बंधुआ मजदूर पाया जाता है, तो उनकी रिहाई और रिहैबिलिटेशन के लिए आगे कदम उठाया जाना चाहिए.एनएचआरसी को एक शिकायत मिली थी, जिसमें बताया गया था कि नाबालिगों समेत करीब 32 मजदूरों को पकड़कर हजारीबाग में आरएच मार्का ईंट भट्टे पर आठ महीने तक बिना पैसे दिये काम करने के लिए विवश किया गया. सभी लोग उत्तर प्रदेश के चुर्क से लाये गये थे. इन मजदूरों को खाना नहीं दिया गया. मजदूरों को धमकाया और पीटा गया. जब मामले की शिकायत लेबर सुपरिटेंडेंट से की गयी, तब उन्हें बचाया गया. इस मामले में शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई करने और मजदूरों के हित को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई करने के लिए एनएचआरसी के पास लिखित शिकायत की थी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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