रमेश सिंह मुंडा की हत्या मामले में राम मोहन सिंह मुंडा को हाईकोर्ट से जमानत

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 09 Jun 2026 3:49 PM

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झारखंड हाईकोर्ट

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री और तमाड़ के तत्कालीन विधायक रमेश सिंह मुंडा हत्या मामले में आरोपी राम मोहन सिंह मुंडा को जमानत दे दी है. आरोपी के सरकारी गवाह बनने और गवाही पूरी होने का हवाला दिया गया. मामले की जांच एनआईए कर रही है और ट्रायल जारी है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री एवं तमाड़ के तत्कालीन विधायक रमेश सिंह मुंडा की हत्या के मामले में आरोपी राम मोहन सिंह मुंडा को जमानत दे दी है. जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने प्रार्थी और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया.

सरकारी गवाह बनने का दिया गया तर्क

सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि राम मोहन सिंह मुंडा इस मामले में सरकारी गवाह बन चुके हैं और उनकी गवाही भी पूरी हो चुकी है. उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि मामले का ट्रायल अभी जारी है. इन तथ्यों के आधार पर आरोपी को जमानत देने का अनुरोध किया गया.

एनआईए का पक्ष सुनने के बाद अदालत का फैसला

मामले में एनआईए का पक्ष सुनने के बाद खंडपीठ ने सभी तथ्यों पर विचार किया और सुनवाई पूरी होने के उपरांत राम मोहन सिंह मुंडा को जमानत की सुविधा प्रदान कर दी. हालांकि मामले की सुनवाई निचली अदालत में जारी रहेगी.

9 जुलाई 2008 को हुई थी पूर्व मंत्री की हत्या

9 जुलाई 2008 को तमाड़ के तत्कालीन विधायक एवं पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा की नक्सलियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी और इसे राज्य की चर्चित घटनाओं में गिना जाता है.

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बाद में एनआईए को सौंपी गई थी जांच

घटना के बाद बुंडू थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. प्रारंभिक जांच के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई. एनआईए ने जांच पूरी कर आरोप पत्र दाखिल किया, जिसके बाद से मामले का ट्रायल चल रहा है. करीब 18 वर्ष पुराने इस बहुचर्चित मामले में हाईकोर्ट का यह आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अंतिम फैसला ट्रायल पूरा होने के बाद संबंधित अदालत द्वारा सुनाया जाएगा.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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