विधायक दल के नेता के रूप में काम देखेंगे प्रदीप यादव, दीपिका ने बैठक में किया विरोध

कांग्रेस विधायक दल के उप नेता प्रदीप यादव फिलहाल पार्टी विधायक दल के नेता के रूप में काम देखेंगे.
रांची. कांग्रेस विधायक दल के उप नेता प्रदीप यादव फिलहाल पार्टी विधायक दल के नेता के रूप में काम देखेंगे. केंद्रीय नेतृत्व जब तक नये विधायक दल के नेता के नाम का चयन नहीं कर लेता है श्री यादव को यह जिम्मेवारी दी गयी है. कमीशन घोटाले में जेल में बंद आलमगीर आलम के विधायक दल के नेता पद से इस्तीफा देने के बाद यह पद खाली हुआ है. गुरुवार को प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने प्रदेश को चुनिंदा नेताओं की कोर टीम के साथ बैठक की. इस बैठक में प्रदीप यादव के नाम की घोषणा हुई. बैठक में महगामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने इसका विरोध किया. विधायक श्रीमती पांडेय का कहना था कि वह सहमत नहीं है. विधानसभा के अंदर प्रदीप यादव कांग्रेस के विधायक नहीं हैं. उन्हें मान्यता नहीं मिली है, तो वह विधायक दल का नेता कैसे हो सकते हैं. इस पर प्रभारी श्री मीर का कहना था कि उन्हें आलकमान ने विधायक दल का उप नेता बनाया है. व्यवस्था के अनुरूप वह फिलहाल विधायक दल के नेता का काम देखेंगे. इस मुद्दे पर बैठक में शामिल बाकी नेताओं ने सहमति जतायी. इधर कांग्रेस की उच्च स्तरीय बैठक में विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा हुई. पार्टी ने उन एजेंडे पर चर्चा की, जिसे चुनाव में लेकर जाना है. विधानसभा स्तर पर काम में तेजी लाने का निर्णय लिया गया. पहले चरण में 33 विधानसभा सीटों पर फोकस करने की बात हुई. बैठक में नेताओं की राय थी कि घोषणा पत्र के एजेंडे को जल्द से जल्द पूरा किया जाये. इसके साथ गठबंधन के कोर एजेंडा पर तेजी से काम करने का फैसला लिया गया. रोजगार, शिक्षक बहाली, विस्थापन, पिछड़ों को आरक्षण, सरना धर्म कोड और खतियान आधारित स्थानीय नीति के एजेंडे पर काम करने की बात हुई. बैठक में शामिल नेताओं का कहना था कि स्थानीय नीति को स्पष्टता के साथ परिभाषित किया जाये. किसानों के लोन माफी, बालू संकट जैसे मुद्दे पर भी चर्चा हुई. बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, बन्ना गुप्ता, बादल पत्रलेख, कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, जलेश्वर महतो, शहजादा अनवर, नव-निर्वाचित सांसद सुखदेव भगत, विधायक प्रदीप यादव, दीपिका पांडेय, सुबोधकांत सहाय, प्रदीप बलमुचु और फुरकान अंसारी मौजूद थे. बैठक में डॉ अजय कुमार और सांसद कालीचरण मुंडा नहीं पहुंच पाये थे.
लोकसभा चुनाव की समीक्षा की टीम का जिम्मा बलमुचु को
पार्टी लोकसभा चुनाव में हारी गयी सीटों की समीक्षा करेगी. लोकसभावार समीक्षा होगी. इसके लिए एक कमेटी बनायी जायेगी. फिलहाल पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बलमुचु को कमेटी का संयोजक बनाया गया है. टीम के सदस्यों के नाम की घोषणा बाद में होगी. यह कमेटी हर विधानसभा क्षेत्र का दौरा करेगी और हार के कारणों की पड़ताल करेगी.
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By Prabhat Khabar News Desk
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