ePaper

Pineapple Farming: झारखंड में अनानास की खेती कर कमा सकते हैं लाखों रुपये, जानिए पूरा प्रोसेस

Updated at : 19 May 2025 5:29 PM (IST)
विज्ञापन
Pineapple farming

Pineapple farming

Pineapple Farming: अनानास की खेती कर आप बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं. खास बात है कि अनानास को हर जगह नहीं उगाया जा सकता है, लेकिन झारखंड की जलवायु और मिट्टी अनानास की खेती करने के लिए अनुकूल है. खेती के लिए मानसून की शुरुआत यानी जून से जुलाई का समय सबसे उत्तम होता है.

विज्ञापन

Pineapple Farming: अनानास एक ऐसा फल है, जो बेहद ही स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसी कारण अधिकतर लोग इसे खाना पसंद करते है. बाजार में सालों भर अनानास की मांग रहती है. ऐसे में इसकी खेती कर आप बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं. खास बात है कि अनानास को हर जगह नहीं उगाया जा सकता है, लेकिन झारखंड की जलवायु और मिट्टी अनानास की खेती करने के लिए अनुकूल है.

कब होती है अनानास की खेती

अनानास की खेती मुख्य रूप से गर्म और आद्र जलवायु में होती है. खेती के लिए मानसून की शुरुआत यानी जून से जुलाई का समय सबसे उत्तम होता है. इसके अलावा आप ठंड की शुरुआत यानी सितंबर-अक्तूबर के महीने में भी अनानास की खेती कर सकते हैं. अनानास की खेती के लिए 22 डिग्री सेसी से 32 डिग्री सेसी का तापमान उत्तम होता है.

अच्छी तरह तैयार करें मिट्टी

अनानास की खेती करने के लिए सबसे पहले खेत को अच्छी तरह से जोत लें और गोबर की खाद मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं. ध्यान रहे अनानास की खेती के लिए रेतीली दोमट या हल्की लाल मिट्टी उपयुक्त होती है. खेत को अच्छी तरह समतल करें ताकि पानी का जमाव न हो. अब खेत में चौड़ी और गहरी मेड़ बना लें. पौधे लगाने के लिए ताजे और स्वस्थ क्राउन का इस्तेमाल करें. करीब 25-30 सेमी की दूरी पर पौधों को लगायें. आप उत्तम बीज से भी अनानास की खेती कर सकते है.

झारखंड की ताजा खबरें यहां पढ़ें

बहुत अधिक सिंचाई की आवश्यकता नहीं

अनानास की खेती में बहुत अधिक सिंचाई करने की आवश्यकता नहीं होती है. गर्मी के मौसम में 10 दिनों में एक बार सिंचाई पर्याप्त होता है. वहीं बारिश के मौसम में सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती है. केवल आपको इस बात का खास ख्याल रखना है कि फसलों के बीच जल जमाव न हो.

बेहतर फसल के लिए खेत में डालें खाद

अनानास के खेत में खाद और उर्वरक डालना काफी आवश्यक होता है. बेहतर फसल के लिए जैविक खाद के रूप में गोबर के खाद का इस्तेमाल करें. इसके अलावा रासायनिक खाद में आप नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का सही मात्रा में इस्तेमाल कर सकते है. खेत में उगने वाले खरपतवार को समय-समय पर हाथों से निकालें.

15-18 महीने में तैयार होगी फसल

अनानास की खेती में सामान्यतः 12-14 महीने के बाद फूल आ जाते है. जबकि पौधा लगाने के 15-18 महीने बाद फल तैयार हो जाते है. जब आपके फल हलके पीले हो जाए, तब आप फसल की कटाई कर सकते है. फसल की कटाई के बाद ताजगी बनाये रखने के लिए फलों को किसी छाया वाली जगह पर रखें. इसके बाद बाद बाजार में भाव पता कर फल बेच दें.

इसे भी पढ़ें

Maiya Samman Yojana: जानिए किस जिले को मिली कितनी राशि, लाभुकों के अकाउंट में कब तक पहुंचेंगे 5000 रुपए

ACB Trap: हजारीबाग में करप्शन के खिलाफ ACB का एक्शन, राजस्व कर्मचारी 3 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट

JAC 12th Result 2025: झारखंड बोर्ड 12वीं के रिजल्ट पर बड़ी अपडेट! इस दिन हो सकता है जारी

विज्ञापन
Dipali Kumari

लेखक के बारे में

By Dipali Kumari

नमस्कार! मैं दीपाली कुमारी, एक समर्पित पत्रकार हूं और पिछले 3 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं, जहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पूर्व दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी कार्य करने का अनुभव है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola