ranchi news : एसआइआर के नाम लोगों से तब के कागज मांगे जा रहे हैं, जब कागज का आविष्कार भी नहीं हुआ था : पवन खेड़ा

संत जेवियर्स कॉलेज सभागार में आदिवासी-मूलवासी प्रोफेसर एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘संविधान में आदिवासी-मूलवासियों का अधिकार बनाम जमीनी हकीकत’ विषय पर एक दिवसीय सम्मेलन हुआ
रांची. दर्शक दीर्घा से पिंकी कुमारी ने सवाल किया- हमारा राज्य खनिज संपदाओं से भरा हुआ है. कई कल-कारखाने हैंं, लेकिन हम बाहर जाते हैं पैसा कमाने के लिए, जहां 12 से 14 घंटे तक काम करना पड़ता है. मैं यह दर्द झेल चुकी हूं. ऐसा कब होगा कि यहां की लड़कियों को मजबूरी में कमाने के लिए बाहर ना जाना पड़े? जवाब देते हुए पवन खेड़ा कहते हैं- मैं आपका दर्द समझ सकता हूं. आप आइना दिखा रही हैं. आप जो बोल रहीं हैं, उस पर लंबे समय से बहस चल रही है. नियम है स्थानीय लोगों को काम मिले. मौका था संत जेवियर्स कॉलेज सभागार में आदिवासी-मूलवासी प्रोफेसर एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘संविधान में आदिवासी-मूलवासियों का अधिकार बनाम जमीनी हकीकत’ विषय पर एक दिवसीय सम्मेलन का. इस सम्मेलन में 24 छात्रावास के युवाओं ने मौजूदा चुनौती और वोट के अधिकार पर संवाद में हिस्सा लिया. इस अवसर पर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, संत जेवियर्स कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ फादर रॉबर्ट प्रदीप कुजूर, पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव आदि उपस्थित रहे.
लोगों से तब के कागज मांगे जा रहे हैं, जब कागज का आविष्कार भी नहीं हुआ थावोट का अधिकार अपनी पहचान और मिटते अस्तित्व को बचा सकता है
पवन खेड़ा ने कहा कि एसआइआर के नाम लोगों से तब के कागज मांगे जा रहे हैं, जब कागज का आविष्कार भी नहीं हुआ था. आज देश में भाषा, भोजन, पोशाक के नाम पर पाबंदी और हमले हो रहे हैं. इसका जवाब संविधान के हथियार से दिया जा सकता है. वोट का अधिकार अपनी पहचान और मिटते अस्तित्व को बचा सकता है. संविधान में दिये गये जनता के अधिकार को समझने और उसे हासिल करने की जरूरत है. पवन खेड़ा ने कहा कि ये महज एक किताब नहीं, बल्कि वो ग्रंथ है, जो आपके भविष्य को तय करता है.समाज को तोड़ने के खिलाफ किसी भी साजिश का जवाब संवाद है
कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि ‘लोकतंत्र खतरे में है’ ये सिर्फ राजनीतिक स्लोगन नहीं है, बल्कि एक संगठन द्वारा समाज को जाति-धर्म-भाषा में बांटने की साजिश का सच है. धर्म से ऊंचा मानव समाज है. समाज को तोड़ने के खिलाफ किसी भी साजिश का जवाब संवाद है. सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा- आज के युवाओं में भटकाव दिखता है. युवा पीढ़ी की भूमिका और मताधिकार से बदलाव की ताकत को समझने की आवश्यकता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




