छात्र आंदोलन पर बोले परिमल नथवाणी, नौजवानों के साथ संवाद करे सरकार
झारखंड से राज्यसभा सदस्य परिमल नथवाणी.
राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी ने JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन पर सरकार और छात्रों से संवाद के जरिए गतिरोध खत्म करने की अपील की है. उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन से छात्रों से सीधा संवाद करने का आग्रह किया है.
JPSC Protest: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी ने सरकार और आंदोलनकारी छात्रों से संवाद के जरिए गतिरोध खत्म करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों की करीब 80 फीसदी मांगें मान ली हैं और कुछ मुद्दों पर अभी सहमति नहीं बन पायी है. ऐसे में दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर बैठकर रास्ता निकालना चाहिए. सांसद नथवाणी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन संवेदनशील हैं और उन्हें छात्रों के साथ सीधे संवाद करना चाहिए. उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं और उनकी परेशानियों को वह समझते हैं और नौजवानों के साथ खड़े हैं. उनके अनुसार किसी भी गतिरोध का समाधान बातचीत से ही संभव है.
मुख्यमंत्री छात्रों से करें सीधा संवाद
परिमल नथवाणी ने कहा कि सरकार और छात्रों को एक साथ टॉक टेबल पर आना चाहिए. जिन मुद्दों पर अभी गतिरोध बना हुआ है, उन पर दोनों पक्ष सहमति बनाने की कोशिश करें. उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए समाधान निकालना ही सबसे बेहतर रास्ता है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करने की अपील की. सांसद के अनुसार सरकार यदि छात्रों की बात सुनेगी और उनकी चिंताओं को समझेगी, तो विवाद को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है.
झगड़े और हिंसा से नहीं निकलेगा रास्ता
राज्यसभा सांसद ने आंदोलन के दौरान टकराव की स्थिति पैदा करने वाले कदमों से बचने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि झगड़े और हिंसा से किसी समस्या का समाधान नहीं निकलने वाला है. छात्रों को भी सरकार का सहयोग करना चाहिए. उन्होंने विधानसभा घेराव और मुख्यमंत्री आवास के घेराव जैसे कार्यक्रमों को लेकर कहा कि इस तरह के कदमों से टकराव बढ़ सकता है. उनका कहना था कि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का माहौल बना रहना जरूरी है. नथवाणी ने कहा कि आंदोलनकारी युवाओं की बात को सरकार तक शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचाया जाना चाहिए. दूसरी ओर सरकार को भी युवाओं की मांगों और चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए. इससे दोनों पक्षों के बीच विश्वास का माहौल मजबूत होगा.
युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार को सोचना होगा
परिमल नथवाणी ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और यही युवा भविष्य का आधार हैं. ऐसे में उनके भविष्य को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी सरकार और समाज दोनों की है. उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने होंगे. प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा कायम करना भी जरूरी है, ताकि अभ्यर्थियों को यह विश्वास रहे कि उन्हें निष्पक्ष अवसर मिलेगा.
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सामूहिक जिम्मेदारी से निकलेगा समाधान
सांसद ने कहा कि युवाओं के भविष्य को सजाने-संवारने के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा. सरकार, छात्र और समाज, सभी की इसमें भूमिका है. उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ाना और युवाओं की समस्याओं का समाधान करना किसी एक पक्ष की जिम्मेदारी नहीं है. छात्र आंदोलन के बीच परिमल नथवाणी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत के कई दौर के बावजूद सभी मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी है. ऐसे में उनका जोर टकराव के बजाय संवाद पर है. लोकतंत्र में बातचीत कभी-कभी बेहद साधारण उपाय लगती है, लेकिन दुर्भाग्य से सबसे ज्यादा उपेक्षित भी यही होती है.
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By Anand Mohan
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