ePaper

Ranchi news : अब दिसंबर के बाद ही हो पायेगा तालाब का जीर्णोद्धार

Updated at : 13 Jun 2025 6:21 PM (IST)
विज्ञापन
Ranchi news : अब दिसंबर के बाद ही हो पायेगा तालाब का जीर्णोद्धार

बरसात के बाद कुछ माह तक तालाब में पानी रहता है. अब तक नहीं निकला राज्यादेश, कैबिनेट के अनुमोदन का इंतजार.

विज्ञापन

मनोज सिंह, रांची.

कृषि विभाग के भूमि संरक्षण निदेशालय के अधीन संचालित तालाब जीर्णोद्धार योजना का काम अब बरसात के बाद ही होगा. बरसात के बाद कुछ माह तक तालाब में पानी रहता है. इस कारण दिसंबर के बाद ही तालाब जीर्णोद्धार का काम हो जायेगा. बंजर भूमि राइस फेलो के तहत तालाब का जीर्णोद्धार किया जाता है. इसका राज्यादेश अब तक नहीं निकल पाया है. पूर्व के वर्षों में संचालित मृदा एवं जल संरक्षण योजना में संशोधन किया गया है. इस कारण अब इस पर कैबिनेट की अनुमति ली जायेगी. हर साल भूमि संरक्षण निदेशालय इस योजना का संचालन करता है. इस वर्ष करीब 225 करोड़ रुपये की लागत से तालाब का जीर्णोद्धार कराया जायेगा.

एक एकड़ से कम क्षेत्रफल वाले तालाब का भी होगा जीर्णोद्धार

इस वर्ष एक एकड़ से कम क्षेत्रफल वाले तालाब का भी जीर्णोद्धार कराया जायेगा. पहले एक से पांच एकड़ तक के सरकारी और निजी तालाब का जीर्णोद्धार होता था. अब एक एकड़ से कम क्षेत्रफल वाले तालाब का भी जीर्णोद्धार होगा. इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार किया गया है. इस पर कैबिनेट का अनुमोदन प्राप्त किया जायेगा. कई लोगों ने विभाग से आग्रह किया था कि एक एकड़ से भी कम क्षेत्रफल वाले तालाब का जीर्णोद्धार कराया जाये. विभागीय मंत्री ने लोगों के इस आग्रह को स्वीकार करते हुए विभाग को निर्देश दिया है.

15 जून से 15 अक्तूबर तक बंद रहता है काम

विभागीय आदेश के बाद हर साल तालाब के जीर्णोद्धार का काम 15 जून से 15 अक्तूबर तक बंद रहता है. 15 अक्तूबर के बाद तालाब में पानी रहने पर किसान जीर्णोद्धार का काम नहीं करने देते हैं. दिसंबर-जनवरी में रबी की खेती शुरू करने के बाद तालाब में पानी कम हो जाता है. इसके बाद ही तालाब जीर्णोद्धार का काम शुरू हो पाता है.

दो साल के लिए तैयार की गयी है योजना

इस वर्ष तालाब जीर्णोद्धार की योजना दो साल के लिए तैयार की गयी है. इससे अगले वित्तीय वर्ष (2026-27) का लक्ष्य भी तैयार हो जायेगा. अगले वित्तीय वर्ष में काम कराने के लिए फिर राज्यादेश की जरूरत नहीं होगी. इससे भूमि संरक्षण निदेशालय लगातार दो साल तक योजना पर काम करा सकते हैं. इस स्कीम के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि (सांसद-विधायक) की अनुशंसा जरूरी होती है. अनुशंसा को जिला उपायुक्त का अनुमोदन प्राप्त होता है.

बोले अधिकारी

दो साल के लिए योजना तैयार हो रही है. सभी जिलों के अधिकारियों को कहा गया है कि 15 अक्तूबर तक विभागीय कागजी प्रक्रिया पूरी कर लें. किसानों की सहमति के बाद तालाब जीर्णोद्धार का काम शुरू कराया जायेगा. दो साल की योजना होने से किसानों को फायदा होगा. विभाग के काम में भी तेजी आयोगी.

अशोक सम्राट, निदेशक, भूमि संरक्षणB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAJIV KUMAR

लेखक के बारे में

By RAJIV KUMAR

RAJIV KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola