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Sports Day : राष्ट्रीय टीम में दस्तक दे रहीं झारखंड की ‘बेटियां’

Updated at : 29 Aug 2024 12:37 AM (IST)
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Sports Day : राष्ट्रीय टीम में दस्तक दे रहीं झारखंड की ‘बेटियां’

झारखंड की आधा दर्जन से अधिक खिलाड़ियों ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा

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राष्ट्रीय खेल दिवस पर विशेष : झारखंड की आधा दर्जन से अधिक खिलाड़ियों ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा सुनील कुमार, रांची आज राष्ट्रीय खेल दिवस है. हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्म दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है. झारखंड भी हमेशा से हॉकी की नर्सरी रहा है. झारखंड ने अब तक देश को दो दर्जन से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिये हैं. इनमें जयपाल सिंह मुंडा, माइकल किंडो, सिल्वानुस डुंगडुंग, मनोहर टोपनो, सावित्री पूर्ति, सुमराय टेटे, असुंता लकड़ा, निक्की प्रधान, सलीमा टेटे, संगीता कुमारी, ब्यूटी डुंगडुंग मुख्य नाम हैं. इन हस्तियों की इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए ‘नयी पौध’ तैयार है. वर्तमान ने आधा दर्जन से अधिक महिला हॉकी खिलाड़ी ऐसी हैं, जो भारतीय टीम के लिए ‘दस्तक’ दे रही हैं. दीपिका सोरेंग, रोपनी कुमारी, महिमा टेटे, बिनिमा धान, संजना होरो, निशा मिंज, निराली कुजूर, रजनी केरकेट्टा, नीरु कुल्लू ऐसे नाम हैं, िजन्होंने काफी संघर्ष के बावजूद हाल के दिनों में शानदार प्रदर्शन किया है और चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है. पिता की हत्या के बाद मां ने की परवरिश दीपिका सोरेंग जब छोटी थी, तब उनके पिता दानिएल सोरेंग की हत्या कर दी गयी. दीपिका सिमडेगा जिले के केरसई प्रखंड के करंगागुड़ी की रहनेवाली है. पिता की हत्या के बाद मां फ्रिस्का सोरेंग ने राउरकेला जाकर दिहाड़ी मजदूरी की और सभी संतानों को पाला. बाद में दीपिका की रुचि हॉकी जगी और फिर उसने इसी में करियर बनाने की सोची. आज वह भारतीय टीम में नियमित रूप से शामिल होने के लिए दस्तक दे रही है. जूनियर एशिया व वर्ल्ड कप खेल चुकी है रोपनी जूनियर एशिया कप और जूनियर वर्ल्ड कप खेल चुकी रोपनी कुमारी के पिता रातू मांझी का भी निधन हो गया है. उसकी मां और उसके परिजनों के योगदान से रोपनी इस मुकाम तक पहुंची है. रोपनी सिमडेगा जिला के ठेठईटांगर प्रखंड अंतर्गत जामबहार की रहनेवाली है. रोपनी 2017 से लगातार झारखंड टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए कई पदक जीत चुकी है. संघर्ष से आगे बढ़ रही है महिमा टेटे महिमा टेटे ओलिंपियन सलीमा टेटे की बहन है. सिमडेगा जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर पिथरा पंचायत के छोटे से गांव बड़कीछापर की रहनेवाली महिमा के पिता सुलक्सन टेटे और भाई अनमोल लकड़ा किसान हैं. मां सुबानी टेटे हाउस वाइफ हैं. नौ साल की उम्र में हॉकी शुरू करनेवाली महिमा एक बार हॉकी छोड़ चुकी है. फिर दोबारा हॉकी शुरू करने पर अब वह बड़ी बहन सलीमा की राह पर चलना चाहती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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