JET परीक्षा से पहले कानूनी पेंच: लाइब्रेरी और फिजिकल एजुकेशन शामिल करने की मांग, 18 को अगली सुनवाई

Published by :Sameer Oraon
Published at :16 Apr 2026 8:44 PM (IST)
विज्ञापन
Jharkhand JET 2026

झारखंड हाईकोर्ट की तस्वीर

Jharkhand JET 2026: क्या झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट (JET) में शामिल होंगे लाइब्रेरी साइंस और फिजिकल एजुकेशन? झारखंड हाईकोर्ट में जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने इन विषयों को शामिल करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई की. प्रार्थियों ने समानता और खाली पदों का हवाला दिया, तो सरकार ने इसे नीतिगत फैसला बताया. 26 अप्रैल को प्रस्तावित परीक्षा से पहले 18 अप्रैल की सुनवाई बेहद अहम होने वाली है. देखें, कोर्ट रूम का पूरा अपडेट.

विज्ञापन

Jharkhand JET 2026, रांची (राणा प्रताप की रिपोर्ट): झारखंड हाईकोर्ट में जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट (जेट) में ‘लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस’ तथा ‘फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स’ को शामिल करने की मांग पर सुनवाई की. प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अतुल्य श्रेष्ठ ने दलील दी कि यह मांग पूरी तरह समानता के अधिकार पर आधारित है. उन्होंने तर्क दिया कि जब अन्य विषयों के लिए स्नातकोत्तर और नेट/जेट की अनिवार्यता है, तो समान योग्यता वाले इन विषयों को जेट से बाहर रखना न्यायसंगत नहीं है.

रिक्त पदों और अवसरों का दिया हवाला

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि राज्य में लाइब्रेरियन और फिजिकल एजुकेशन शिक्षकों के कई पद खाली पड़े हैं. इन विषयों को जेट की सूची से बाहर रखने के कारण अभ्यर्थियों के पास अवसर सीमित हो गए हैं. प्रार्थियों का कहना है कि जब सरकार खुद पात्रता परीक्षा आयोजित कर रही है, तो विशेष विषयों के छात्रों को इससे वंचित करना उनकी नियुक्ति प्रक्रिया को प्रभावित करता है.

Also Read: झारखंड में वेतन संकट: चुनाव ड्यूटी पर गए सचिव, 12 विभागों के कर्मियों की अटकी सैलरी

सरकार ने अपने पक्ष में क्या कहा

राज्य सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जेट में किन विषयों को शामिल करना है, यह पूरी तरह से एक नीतिगत निर्णय (Policy Decision) है. सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि अभ्यर्थियों के पास राष्ट्रीय स्तर पर नेट (NET) परीक्षा देने का विकल्प हमेशा खुला है. हालांकि, इस पर पलटवार करते हुए प्रार्थियों ने कहा कि यदि राज्य अपनी परीक्षा ले रहा है, तो भेदभाव का कोई ठोस आधार होना चाहिए.

18 अप्रैल को होगी निर्णायक सुनवाई

यह मामला राजेश कुमार और गुलशन कुमार द्वारा दायर दो अलग-अलग याचिकाओं से जुड़ा है. जेपीएससी द्वारा आगामी 26 अप्रैल को जेट परीक्षा आयोजित की जानी प्रस्तावित है, जिससे ठीक पहले कोर्ट का रुख अभ्यर्थियों के लिए काफी मायने रखता है. हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है.

Also Read: रिश्तों का कत्ल: दुमका में दहेज लोभी ने पत्नी के साथ की ऐसी हैवानियत कि कोख में ही थम गई 3 माह के नवजात की सांसें

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola