ePaper

कैमरून में फंसे 5 मजदूरों के परिजनों के लिए खुशखबरी, सभी श्रमिकों की जल्द होगी वतन वापसी

Updated at : 29 Nov 2025 7:38 PM (IST)
विज्ञापन
Migrant Laborers News Camroon South Africa

वतन वापसी के लिए मिले टिकट के साथ कैमरून में फंसे श्रमिक.

Migrant Laborers News: दक्षिण अफ्रीका के कैमरून में 5 श्रमिक फंस गये थे. उनके परिजन परेशान थे. केंद्र और राज्य सरकार से गुहार लगा रहे थे कि फंसे हुए श्रमिकों की झारखंड वापसी में मदद करें. केंद्र और झारखंड सरकार की मदद से सभी श्रमिकों की वापसी का रास्ता साफ हो गया है. मजदूरों ने वीडियो जारी कर यह जानकारी दी. यह कैसे संभव हुआ, पूरी खबर यहां पढ़ें.

विज्ञापन

Migrant Laborers News: दक्षिण अफ्रीका के कैमरून में फंसे झारखंड के 5 प्रवासी श्रमिकों के परिजनों के लिए खुशखबरी है. सभी श्रमिकों की जल्द वतन वापसी होने वाली है. उन्हें उनका बकाया वेतन मिल चुका है. भारत वापसी के लिए उन्हें टिकट भी उपलब्ध करवा दिया गया है. श्रमिकों ने एक वीडियो जारी कर इसके लिए कल्पतरु कंपनी के साथ-साथ भारत सरकार और झारखंड सरकार का आभार व्यक्त किया है.

सरकार और मीडिया को परिजनों ने कहा- शुक्रिया

प्रवासी श्रमिकों और उनके परिजनों ने भी इसके लिए केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और मीडियाकर्मियों का आभार जताया है. उन्होंने प्रवासी श्रमिकों के कल्याण के लिए काम करने वाले समाजसेवी सिकंदर अली को भी शुक्रिया कहा है, जिनकी वजह से कैमरून में फंसे श्रमिकों की समस्या का निदान हो पाया है.

Migrant Laborers News: 4 महीने से श्रमिकों को नहीं मिल रहा था वेतन

प्रवासी श्रमिकों ने बताया है कि 4 महीने से उनको वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा था. कल्पतरु कंपनी की मदद से उन्हें उनका बकाया वेतन मिल गया है. भारत लौटने का टिकट भी कंपनी की ओर से उन्हें दिया गया है. 1 दिसंबर को सभी अपने वतन लौट आयेंगे.

वीडियो वायरल हुआ, तो सक्रिय हुआ श्रम विभाग

पारिश्रमिक नहीं मिलने से परेशान श्रमिकों ने एक वीडियो जारी कर केंद्र और राज्य सरकार से मदद की गुहार लगायी थी. वीडियो वायरल हुआ, तो झारखंड प्रवासी नियंत्रण कक्ष के माध्यम से भारतीय दूतावास को इसकी जानकारी दी गयी. दूतावास ने हस्तक्षेप किया और कंपनी के साथ मजदूरों की वार्ता हुई. इसका बाद बकाया वेतन के भुगतान के साथ वतन वापसी का भी रास्ता साफ हो गया.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

हजारीबाग और गिरिडीह से काम करने गये थे मजदूर

मजदूरों के विदेश में फंसे होने की जानकारी मिलते ही परिजन परेशान हो गये थे. सरकार से मजदूरों की वतन वापसी की गुहार लगा रहे थे. कैमरून में फंसे मजदूरों में हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ऊंचाघना के सुनील महतो, सुकर महतो, करगालो के चंद्रशेखर कुमार, डीलों महतो और गिरिडीह जिले के डुमरी के दिलचंद महतो शामिल हैं.

श्रमिकों ने कैमरून से वीडियो भेजकर मांगी थी मदद

मजदूरों के हित में कार्य करने वाले सिकंदर अली को श्रमिकों ने वीडियो भेजा था. मजदूरों की ओर से भेजे गये वीडियो को सिकंदर अली ने मीडिया के साथ शेयर किया. अली ने भी केंद्र और राज्य सरकार से इन मजदूरों की सकुशल वतन वापसी के लिए ठोस कूटनीतिक पहल करने की मांग की थी.

झारखंड सरकार की सक्रियता से हुई मजदूरों की वापसी

झारखंड सरकार और केंद्र सरकार दोनों सूचना मिलते ही सक्रियता दिखायी और सभी मजदूरों की वतन वापसी करायी. प्रवासी मजदूरों के लिए काम करने वाले सिकंदर अली ने कहा है कि रोजी-रोटी की तलाश में लोग अपना राज्य और देश छोड़ अन्यत्र जाते हैं. इस दौरान उनके साथ कई घटनाएं हो जाती हैं, जिसकी वजह से उनके परिजनों को आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है. लोगों को इस परेशानी से बचाने के लिए सरकार को ठोस पहल करने की जरूरत है.

इसे भी पढ़ें

भारत सरकार की मदद से कैमरून में फंसे 17 प्रवासी मजदूर आज लौट रहे घर, परिजनों में खुशी की लहर

विशाखापत्तनम के बाद अब गुजरात में फंसे 13 प्रवासी श्रमिक, वापसी के प्रयास में जुटी झारखंड सरकार

पलायन का दंश झेलता बोकारो का चतरोचट्टी, 3 महीने में ताबूत में लौटे 5 प्रवासी श्रमिक

झारखंड के 10 लाख मजदूर देश के कोने-कोने में बहाते हैं पसीना, श्रमिक संगठनों के पास हैं ऐसी-ऐसी शिकायतें

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola