नितेश लोहरा के शव के साथ परिजनों ने लालपुर चौक को किया जाम, डीसी ने दिये न्यायिक जांच के आदेश

जिस वक्त नितेश लोहरा को सदर अस्पताल लाया गया, वहां ड्यूटी डॉक्टर के तौर पर डॉक्टर लक्ष्मीकांत साय तैनात थे. परिजन इस बात को लेकर विरोध कर रहे थे कि उन्हें जो जानकारी मिली है और डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ जो बता रहे हैं, दोनों विरोधाभासी हैं.
नितेश लोहरा के शव के साथ उसके परिजनों ने रविवार (सात जनवरी) की शाम को लालपुर चौक को जाम कर दिया. ये लोग प्रशासन और सरकार से न्याय की मांग कर रहे हैं. कथित तौर पर उत्पाद भवन की हाजत में उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. शनिवार को उत्पाद विभाग की टीम ने उसे गिरफ्तार किया था. डंगरा टोली के रहने वाले नितेश लोहरा समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था. चार लोगों को पाइन लेने के बाद छोड़ दिया गया. नितेश को उत्पाद भवन के हाजत में बंद कर दिया गया. कथित तौर पर उसने शनिवार की शाम को हाजत के बाथरूम में लगे हुक में फंदा डालकर उससे झूल गया. बताया जा रहा है कि उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने आनन-फानन में नितेश लोहरा को सदर अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. रांची के सहायक उत्पाद आयुक्त ने विभाग के दो पदाधिकारियों की अगुवाई में एक जांच टीम का गठन कर दिया. लेकिन, रविवार को भी यह मामला थमा नहीं. नितेश के परिजनों ने पहले सदर अस्पताल में जमकर हंगामा किया और बाद में लालपुर चौक पर शव के साथ प्रदर्शन किया.
सदर अस्पताल में परिजनों ने किया विरोध
परिजनों ने पूछा कि नितेश को जब रांची के सदर अस्पताल लाया गया था, तब क्या वह ठीक था. परिजनों ने डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ पर भ्रामक बयान जारी कर गुमराह करने और केस को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. जिस वक्त नितेश लोहरा को सदर अस्पताल लाया गया, वहां ड्यूटी डॉक्टर के तौर पर डॉक्टर लक्ष्मीकांत साय तैनात थे. परिजन इस बात को लेकर विरोध कर रहे थे कि उन्हें जो जानकारी मिली है और डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ जो बता रहे हैं, दोनों विरोधाभासी हैं. परिजन कह रहे हैं कि युवक की मौत पहले ही हो गई थी. वहीं, अस्पताल में तैनात मेडिकलकर्मियों का कहना था कि जब उसे यहां लाया गया था, उस वक्त उसकी नब्ज हल्की-हल्की चल रही थी.
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हॉस्पिटल स्टाफ के बीच परिजनों ने की बहस
नितेश लोहरा की मौत के बाद परिजनों ने मौके पर मौजूद मेडिकल स्टाफ और डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाया. इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौके पर पहुंच गयीं. परिजनों और हॉस्पिटल स्टाफ के बीच जमकर बहस हुई. हंगामा बढ़ने पर नजदीकी थाना से पुलिस और पीसीआर वैन मौके पर पहुंची. बाद में नितेश लोहरा के परिजन वहां से कोकर चौक पहुंचे और यहां भी जोरदार प्रदर्शन किया.
नितेश की मौत की होगी न्यायिक जांच
उत्पाद भवन के हाजत के बाथरूम में फांसी लगाने से हुई नितेश की मौत की न्यायिक जांच की होगी. इस संबंध में उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने रविवार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. इसके साथ ही नितेश की मौत की रिपोर्ट राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेज दिया गया.
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By Mithilesh Jha
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