बॉटम .....केडीएच क्लब का नहीं हो सका कायाकल्प

केडीएच ऑफिसर्स क्लब आज अपनी दुर्दशा को लेकर चर्चा में है.
डकरा. सीसीएल अधिकारियों का क्लब संचालन मामले में कभी पूरे सीसीएल में प्रसिद्ध केडीएच ऑफिसर्स क्लब आज अपनी दुर्दशा को लेकर चर्चा में है. क्लब की क्या प्रतिष्ठा रही है, इसे आठ जुलाई 2024 को एनके एरिया के दौरे पर आये सीसीएल सीएमडी नीलेंदु कुमार सिंह ने लोगों को याद दिलायी थी. उन्होंने कहा था कि प्रत्येक महीने क्लब का संचालन होते रहने से अधिकारियों का एक दूसरे के साथ पारिवारिक रिश्ता बढ़ता है, जिसका सकारात्मक असर कोयला खदानों के काम पर पड़ता है इसलिए नियमित रूप से क्लब का संचालन होना चाहिए. वहीं दूसरी ओर केडीएच ऑफिसर्स क्लब इन दिनों आवारा पशुओं का बसेरा बना हुआ है. मुख्य गेट खुला रहता है, जिसके कारण कुत्ते और आवारा पशु आराम से अंदर जाकर बैठते हैं. हॉल के दरवाजा टूटा हुआ है, चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है, यहां असामाजिक तत्वों का अड्डा लगा रहता है और हर तरह के गलत कार्य इस परिसर में होने की बात आस-पड़ोस के लोग बताते हैं. क्लब का फर्निचर, बर्तन आदि चोरी कर लिए गए हैं. ऐसे में सीएमडी का सुझाव,अधिकारियों की इच्छा और क्लब की दुर्दशा के बीच केडीएच ऑफिसर्स क्लब की खोई हुई प्रतिष्ठा कैसे पुनः हासिल किया जा सकेगा. यह एक पहेली बन गयी है. कुछ श्रमिक संगठन के लोग एरिया और परियोजना के अधिकारी के बीच तालमेल के अभाव को कारण बताते हैं.
केडीएच क्लब के गौरव का गवाह हैं पीओ
डकरा. केडीएच के निर्वतमान पीओ अनिल कुमार सिंह अपने कैरियर के शुरुआती वर्षों में 10 साल से भी अधिक समय तक यहां काम कर चुके हैं. इनके ससुर बीएन सिंह भी इस परियोजना के सबसे सफल पीओ रहे हैं. यह क्लब उनके वैवाहिक अनुष्ठान का गवाह रहा है. परियोजना से अनील सिंह का आत्मिक लगाव रहा है. वे यहां के सभी पुराने गौरवशाली कार्यसंस्कृति के स्वयं गवाह रहे हैं. बावजूद अपने तीन साल के कार्यकाल में क्लब का काम नहीं करा सके.स्टिमेट बना हुआ है, इस साल काम हो जाना चाहिए : पीओ
निर्वतमान पीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि क्लब के कायाकल्प के लिए जो स्टीमेट बना था, वह फाइनेंशियल प्रॉब्लम के कारण नहीं हो पाया था, लेकिन उसमें कुछ कटौती कर दी गयी है. उम्मीद है इस साल काम हो जायेगा.
पूरे सीसीएल में प्रसिद्ध केडीएच ऑफिसर्स क्लब आज अपनी दुर्दशा को लेकर चर्चा में हैB
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By Prabhat Khabar News Desk
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