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जेटेट : अंक निर्धारण में एकरूपता नहीं, जैक ने मांगा दिशा-निर्देश

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा की नियमावली में किये गये अंक निर्धारण के प्रावधान को लेकर जैक ने शिक्षा विभाग से मांगा दिशा-निर्देश
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा की नियमावली में किये गये अंक निर्धारण के प्रावधान को लेकर जैक ने शिक्षा विभाग से मांगा दिशा-निर्देश
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रांची : झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) की नयी नियमावली बनने के बाद भी परीक्षा नहीं हो पा रही है. वर्ष 2019 में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा की नयी नियमावली बनायी गयी थी. नियमावली में किये गये अंक निर्धारण के प्रावधान को लेकर जैक ने शिक्षा विभाग से दिशा-निर्देश मांगा है.

दिशा-निर्देश की आस में शिक्षक पात्रता परीक्षा की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है. नियमावली बनाने के बाद शिक्षा विभाग ने परीक्षा लेने की जिम्मेदारी झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) को दी. इस संबंध में शिक्षा विभाग में जैक को पत्र भी भेजा, लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा जैक को परीक्षा लेने के लिए पत्र भेजे जाने के एक साल के बाद भी प्रक्रिया नहीं शुरू हुई. शिक्षा विभाग से पत्र प्राप्त होने के बाद जैक ने परीक्षा प्रक्रिया जल्द शुरू करने की बात कही थी.

जैक द्वारा नियमावली के कुछ बिंदुओं पर शिक्षा विभाग से मार्गदर्शन मांगा गया था, लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में जैक को अब तक कोई जवाब नहीं दिया गया. इस कारण राज्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है. जबकि नियमावली के प्रावधान के अनुरूप प्रत्येक वर्ष जैक को शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन करना है. नियमावली के अनुसार सितंबर, अक्टूबर में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया जाना है

अंक निर्धारण में एकरूपता नहीं :

जैक ने परीक्षा में अंक निर्धारण को लेकर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग से दिशा-निर्देश मांगा है. नियमावली में कक्षा 6 से 8 के स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक की परीक्षा के लिए विज्ञान में विभिन्न विषयों के अंक निर्धारण में एकरूपता नहीं है. विज्ञान में गणित विषय के लिए जहां 70 अंक निर्धारित किये गये हैं, भौतिकी, रसायन, जंतु विज्ञान, वनस्पति शास्त्र के लिए 40-40 अंक निर्धारित किये गये हैं. भाषा शिक्षक में उर्दू ,हिंदी व संस्कृत के लिए निर्धारित अंकों में भी एकरूपता नहीं है.

शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली बने एक साल के बाद भी नहीं शुरू हुई प्रक्रिया

शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अनुरूप राज्य में प्रतिवर्ष शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया जाना है, लेकिन झारखंड में पिछले नौ वर्ष में मात्र दो शिक्षक पात्रता परीक्षा हुई है. पहली परीक्षा वर्ष 2013 व दूसरी परीक्षा वर्ष 2016 में ली गयी थी. इसके बाद से झारखंड में कोई परीक्षा नहीं हुई है. उल्लेखनीय है कि कक्षा एक से आठ तक में शिक्षक नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों का शिक्षक पात्रता परीक्षा पास होना अनिवार्य है. ऐसे में पिछले चार वर्ष में शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करनेवाले अभ्यर्थी शिक्षक पात्रता परीक्षा नहीं होने के कारण राज्य में होनेवाली शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पायेंगे.

posted by : sameer oraon

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