JPSC-JSSC मामला : अभय तिवारी ने कहा- सेटिंग से मैं भी हुआ पास, रिमोट एक्सेस से सॉल्वर ग्रुप हल करता था पेपर
अभय तिवारी की फाइल फोटो : प्रभात खबर
जेपीएससी परीक्षा में बड़े पैमाने पर सेटिंग का पर्दाफाश हुआ है. अभय तिवारी ने सीआईडी को बताया कि कैसे रिमोट एक्सेस का इस्तेमाल कर सॉल्वर ग्रुप पेपर हल करते थे. परीक्षा में धांधली के तार बूटी मोड़ केंद्र से जुड़े हैं.
रांची : JPSC-JSSC मामले में सीआइडी के समक्ष टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी ने परीक्षा में गड़बड़ी की पूरी प्रक्रिया बतायी है. उसके अनुसार एजेंट पहले अभ्यर्थियों का चयन करते थे और उनसे मोटी रकम लेते थे. इसके बाद कुछ परीक्षा केंद्र तय किये जाते थे, जहां सॉफ्टवेयर में हेराफेरी कर बाहर बैठे सोल्वर अभ्यर्थियों के प्रश्नपत्र हल करते थे. अभय तिवारी ने कहा कि रांची के भव्या, सरला-बिड़ला के समीप संस्कार आइटी, बूटी मोड़ के पास स्थित एक केंद्र और बोकारो के दौ केंद्रों पर इस तरह की गड़बड़ी की जाती थी. कुछ अन्य अभ्यर्थियों ने भी सीआइडी को इसी तरह की जानकारी दी है. इसके बाद जेएसएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी की जांच तेज कर दी गयी है. संस्था के सचिव से भी पूछताछ की जा रही है.
PGTTCE 2023 में सेटिंग से पास कराने का खुलासा
अभय तिवारी ने बताया कि बूटी मोड़ स्थित परीक्षा केंद्र का संचालक अजय संग्राम था. वह सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले फोन कर कपड़े के रंग और केंद्र पर किस लाइन में खड़ा होना है, इसकी जानकारी देता था. केंद्र पर पहचान के बाद उन्हें तय कंप्यूटर पर बैठाया जाता था. इन कंप्यूटरों का रिमोट एक्सेस दूसरे कमरे में ले लिया जाता था, जहां मौजूद सोल्वर प्रश्नपत्र हल करते थे. अभ्यर्थी केवल माउस चलाता रहता था. तिवारी ने बताया कि उसने भी अजय संग्राम के संपर्क से सेटिंग कर परीक्षा पास की थी.
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अभय तिवारी ने एजेंटों के नाम भी बताये
अभय तिवारी ने बताया कि परीक्षा में पास कराने के लिए कई एजेंटों से संपर्क किया गया था. उसने जिन एजेंटों के नाम लिये हैं उनमें शामिल पटना के इमरान और अली, गिरिडीह के राजेश, बोकारो के शंकर, मनोज और हजारीबाग के सुनील कुमार शामिल हैं. शंकर को अजय संग्राम का करीबी बताया गया है. तिवारी ने कहा कि वह अजय संग्राम के लगातार संपर्क में था और उसने चार परीक्षा केंद्रों को मैनेज कर रखा था.
JSSC CGL की परीक्षा भी TDPL ने ही करायी थी
जेएसएससी-सीजीएल की परीक्षा भी इसी एजेंसी ने करायी थी जनवरी 2024 में हुई जेएसएससी सीजीएल परीक्षा भी इसी एजेंसी से जुड़ी थी. पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द कर दी गयी थी. परीक्षार्थी श्वेता प्रधान के दस्तावेजों के हवाले से दावा किया गया है कि शिवा इंफोटेक रांची, श्रेया डिजिटल बोकारो, आरआर टेक्नोलॉजी बोकारो, फ्यूचर ब्राइट रांची, धनवाद डिजिटल और तीस्ता टेक्नोलॉजी बोकारो केंद्रों से करीब 90 प्रतिशत प्रतिभागी पास हुए थे. इस मामले में जेएसएससी की ओर से 29 जनवरी 2024 को नामकुम थाना में भारतीय दंड संहिता की धारा 467, 468, 420 और 120बी, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 तथा झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम, 2023 की धारा 12 के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. इसके बाद परीक्षा आयोजित कराने वाली चेन्नई की कंपनी सत्वत इंफोसोल प्राइवेट लिमिटेड को 12 फरवरी 2024 को समन भेजा गया.
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