JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने पर फूट-फूटकर रोए नियुक्त अभ्यर्थी, बोले- एक पल में हम हो गए बेरोजगार
JSSC CGL परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार प्रदर्शन करते हुए, फोटो ANI
झारखंड में JSSC CGL परीक्षा रद्द किए जाने के सरकार के फैसले के बाद अभ्यर्थियों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. जहां एक ओर परीक्षा रद्द होने से गड़बड़ी की शिकायत करने वाले प्रदर्शनकारी छात्रों में खुशी है, वहीं परीक्षा पास कर नियुक्ति पा चुके अभ्यर्थियों में नाराजगी है. JSSC CGL के उम्मीदवार, जिन्होंने परीक्षा पास की थी, राज्य सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले के खिलाफ प्रोजेक्ट भवन में प्रोटेस्ट कर रहे हैं.
प्रदर्शन कर रहे एक प्रोटेस्टर ने कहा, "हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले के बाद हमारी नियुक्ति हुई थी. हमारे पास सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी की मुहर थी, फिर भी अचानक सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला किया. एक पल में हम बेरोजगार हो गए. हम मुख्यमंत्री से नाराज हैं." प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा, "सर, प्लीज कम से कम इस मामले पर फिर से विचार करें. माननीय कोर्ट के रुख का क्या? हमारे उन सैकड़ों भाइयों का क्या होगा जिन्होंने पिछली नौकरियों से इस्तीफा देकर यह नौकरी ज्वाइन की है? हम कोर्ट जाएंगे. हम पहले भी कोर्ट के जरिए इस स्टेज तक पहुंचे हैं, इसलिए हम फिर से कोर्ट जाएंगे."
सरकार के फैसले के बाद, मैं अकेला रह गया हूं : प्रदर्शनकारी छात्र
एक प्रोटेस्टर ने कहा, सरकार के फैसले के बाद, मैं अकेला रह गया हूं. एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, "हम एक निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए शामिल हुए थे, तो ऐसा कदम क्यों उठाया जा रहा है? हमारा कहना है कि जांच की जाए. अगर जांच में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उन खास लोगों को हटा दिया जाए."
जयपाल सिंह स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्र खुशी से झूम उठे
CM के JSSC-CGL परीक्षा और TDPL की तरफ से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने के ऐलान के बाद जयपाल सिंह स्टेडियम में प्रदर्शनकारी छात्र खुशी से झूम उठे. छात्र नेता पीयूष कुमार ने कहा, "यह बस पहला कदम है. '11 से 13' वाले मुद्दे पर हमारी मांग अभी भी कायम है; हम उस पर फैसले का इंतजार कर रहे हैं. हम बैठकर इस आंदोलन के लिए आगे की रणनीति तय करेंगे. हमारी मांगें अभी पूरी तरह से नहीं मानी गई हैं; यह सिर्फ पहला कदम और पहली जीत का जश्न है. अभी और भी बहुत कुछ होना बाकी है. संघर्ष जारी रहेगा; हम कहीं नहीं जा रहे हैं. CBI जांच अभी बाकी है, और '11 से 13' वाले फैसले को पलटा जाना अभी बाकी है. हम बैठकर विस्तार से और गहराई से विश्लेषण करेंगे और फिर आपसे विस्तार से बात करेंगे कि कौन-कौन सी मांगें अभी भी बाकी हैं. हम कहीं नहीं जा रहे हैं."
कैबिनेट की बैठक के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की घोषणा की
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट की बैठक के बाद परीखा रद्द करने की घोषणा करते हुए कहा, "आज कैबिनेट ने JSSC-CGL परीक्षा को भी रद्द करने का फैसला किया है. इसके अलावा, 2014 से हुई सभी छोटी-बड़ी गड़बड़ियों की व्यापक जांच की जाएगी. हम केंद्र सरकार द्वारा MMDR एक्ट में किए गए बदलावों पर चर्चा करने के लिए जल्द ही बैठक करेंगे; जरूरत पड़ने पर, हम इस खास मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए विशेष सत्र भी बुला सकते हैं."
TDPL के जरिए हुई सभी परीक्षाएं भी रद्द
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, हमने TDPL से जुड़ी हर चीज को रद्द करने का फैसला किया है. इसमें आयोजित परीक्षाएं, घोषित नतीजे, चुने गए या भाग लेने वाले उम्मीदवार और TDPL की अन्य सभी गतिविधियां शामिल हैं.
ये भी पढ़ें: JSSC CGL परीक्षा रद्द, TDPL के जरिए हुई सभी भर्तियां भी कैंसल, हेमंत सोरेन सरकार ने मानी छात्रों की मांग
ये भी पढ़ें: JSSC CGL cancelled: छात्रों में जश्न, खुशी से छलके आंसू, मांगें माने जाने पर भावुक हुए अभ्यर्थी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए









