झारखंड में 5 दिन के लिए मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट, हो सकती है भारी बारिश

Jharkhand Weather Forecast Today.
Jharkhand Weather: भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 18 से 22 सितंबर तक झारखंड में बारिश होने का अनुमान जताया है. 5 दिनों के लिए मौसम केंद्र रांची ने येलो अलर्ट भी जारी कर दिया है. इस दौरान कुछ जगहों पर भारी वर्षा होगी, तो कहीं गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा और वज्रपात होने की चेतावनी दी गयी है. कुछ जगहों पर आंधी-तूफान चलने की भी संभावना है.
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Jharkhand Weather: भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने झारखंड में 5 दिन के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. कहा है कि राज्य में 22 सितंबर तक कहीं-कहीं भारी बारिश होगी. कुछ जगहों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होगी. वहीं, कुछ जगह 30-40 किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाली आंधी के साथ गरज के साथ वज्रपात होने की भी आशंका है. इसलिए लोगों को सावधान और सतर्क रहना चाहिए.
अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बिहार तक पहुंचा
रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के पास हिनू रोड स्थित मौसम केंद्र ने यह पूर्वानुमान जारी किया है. दैनिक मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए मौसम केंद्र ने कहा है कि दक्षिणी-पश्चिमी मानसून बठिंडा, फतेहाबाद, पिलानी, अजमेर, दौसा और भुज से लौट रहा है. अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार में समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर ऊपर तक फैल है. इसका असर झारखंड के मौसम पर देखने को मिलेगा.
उंटारी रोड में हुई सबसे ज्यादा 85.2 मिमी वर्षा
मौसम विभाग ने कहा है कि झारखंड में मानसून पिछले 24 घंटे के दौरान सामान्य रहा. इस दौरान अनेक स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई. कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हुई है. सबसे ज्यादा 85.2 मिलीमीटर वर्षा पलामू प्रमंडल के उंटारी रोड में हुई है. सबसे अधिक उच्चतम तापमान 34.1 डिग्री सरायकेला में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री लातेहार में रिकॉर्ड की गयी.
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झारखंड में 20 फीसदी अधिक बरसा मानसून
मौसम विभाग ने कहा है कि पिछले 24 घंटे के दौरान लगभग सामान्य वर्षा हुई. एक दिन में 7.3 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए. इस दौरान 7.2 मिलीमीटर वर्षा हुई, जो सामान्य से 2 फीसदी कम है. अगर पूरे राज्य की बात करें, तो राज्य में सामान्य से 20 फीसदी अधिक बारिश हुई है. राज्य में 935.3 मिलीमीटर वर्षा को सामान्य माना जाता है, लेकिन इस बार 1119.7 मिलीमीटर वर्षा हुई है.
24 घंटे में कहां, कितनी वर्षा हुई
| कहां हुई वर्षा | कितनी हुई वर्षा |
|---|---|
| उंटारी रोड | 85.2 मिलीमीटर |
| सिसई | 69.0 मिलीमीटर |
| लातेहार बालूमाथ | 41.0 मिलीमीटर |
| नावाडीह | 37.0 मिलीमीटर |
| हजारीबाग डीवीसी | 35.6 मिलीमीटर |
| बड़कागांव | 34.0 मिलीमीटर |
| मांडू डीवीसी | 33.1 मिलीमीटर |
| राजधनवार | 33.0 मिलीमीटर |
| जगरनाथपुर | 28.6 मिलीमीटर |
| रामगढ़ | 26.4 मिलीमीटर |
| बारियातू | 23.0 मिलीमीटर |
| बोकारो थर्मल | 22.4 मिलीमीटर |
| शिलाईचक | 17.5 मिलीमीटर |
| तेनुघाट | 17.0 मिलीमीटर |
| हेंदगिर | 15.8 मिलीमीटर |
| भरनो | 15.4 मिलीमीटर |
| कोनेर | 12.2 मिलीमीटर |
| परसाबाद | 11.8 मिलीमीटर |
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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