झारखंड वित्तरहित शिक्षण संस्थान नहीं भर पा रहे हैं ऑनलाइन अनुदान प्रपत्र, समय सीमा हो रही समाप्त

Updated at : 06 Feb 2024 6:57 AM (IST)
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झारखंड वित्तरहित शिक्षण संस्थान नहीं भर पा रहे हैं ऑनलाइन अनुदान प्रपत्र, समय सीमा हो रही समाप्त

स्कूली शिक्षा विभाग के पदाधिकारी कंपनी के साथ बैठक कर रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं निकल रहा है. लगभग 600 वित्तरहित संस्थाएं अनुदान के लिए ऑनलाइन प्रपत्र भरते हैं.

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रांची, राणा प्रताप :

झारखंड में संचालित वित्तरहित स्कूल-इंटर कॉलेजों के वित्तीय वर्ष 2023-2024 के तहत अनुदान ऑनलाइन करने की तिथि 10 फरवरी तक है. 25 दिन बीत जाने के बाद भी राज्य के एक भी स्कूल, इंटर कॉलेज ऑनलाइन अनुदान प्रपत्र नहीं भर सके हैं. पोर्टल में आयी तकनीकी गड़बड़ी अब तक दूर नहीं हुई है. सिर्फ पांच दिन बचे हुए हैं. वित्तीय वर्ष समाप्ति में भी अब अधिक दिन नहीं बचा है, लेकिन अनुदान प्रपत्र तक नहीं भरवाया गया है.

प्राइवेट एजेंसी, जिसको ऑनलाइन करने की जवाबदेही दी गयी है, वह अभी तक पोर्टल की तकनीकी गड़बड़ी को ठीक नहीं कर सका है. इस वजह से यह भी स्पष्ट नहीं है कि तकनीकी गड़बड़ी क्या है और कब तक ठीक होगा. वह बार-बार समय दे रहा है, लेकिन गड़बड़ी दूर नहीं हो रही है. पहले विभाग में आइटी सेल था और उसमें इंजीनियर भी थे.

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इंजीनियर के वेतन नहीं मिलने के कारण वह छोड़ कर चला गया. सॉफ्टवेयर उसके द्वारा ही बनाया गया था, जो अपडेट हो ही नहीं रहा है. स्कूली शिक्षा विभाग के पदाधिकारी कंपनी के साथ बैठक कर रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं निकल रहा है. बता दें कि राज्य के लगभग 600 वित्तरहित संस्थाएं अनुदान के लिए ऑनलाइन प्रपत्र भरते हैं.

अनुदान ऑनलाइन प्रपत्र भरने में संस्थाओं को काफी सतर्कता बरतनी पड़ती है, क्योंकि थोड़ी सी गड़बड़ी होने पर संस्था अनुदान से वंचित हो जाती है. वित्तरहित संस्थान असमंजस में हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए झारखंड वित्तरहित संयुक्त शिक्षा संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष मंडल की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पोर्टल की तकनीकी बाधा दूर करते हुए अगर 25 फरवरी तक अनुदान ऑनलाइन करने की तिथि विस्तारित नहीं की गयी, तो एक भी स्कूल व इंटर कॉलेज अनुदान ऑनलाइन नहीं भरेंगे.

क्योंकि जल्दबाजी में अगर प्रपत्र भरा गया, तो गलती हो सकती है. उसी को आधार बना कर विभाग संस्थान को अनुदान से वंचित कर देगा. राज्य में 195 इंटर कॉलेज, 350 उच्च विद्यालय, 38 संस्कृत विद्यालय व 47 मदरसा हैं. मोर्चा का कहना था कि अनुदान प्रपत्र भरने के बाद 15 दिन का समय जिला शिक्षा पदाधिकारी और जैक को दिया जाता है. जैक और जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय सभी कागजातों को देखते हैं और उसके बाद अनुदान के लिए अनुशंसा स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग को करते हैं.

पूर्व में 10 सितंबर को ही स्कूल-कॉलेज का अनुदान प्रपत्र भरवाया गया था. कहा गया कि अनुदान की राशि यदि लैप्स हुई, तो मोर्चा उग्र आंदोलन करेगा. मोर्चा के अध्यक्षमंडल के बैठक की अध्यक्षता डॉ सुरेंद्र झा ने की. इस अवसर पर रघुनाथ सिंह, संजय कुमार, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, देवनाथ सिंह, अरविंद सिंह, फजलुल कादरी अहमद, नरोत्तम सिंह, मनीष कुमार, रणजीत मिश्रा, रघु विश्वकर्मा, गणेश महतो, अरविंद सिंह, बिरसो उराव, अनिल तिवारी आदि उपस्थित थे.

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