झारखंड के प्राथमिका सहायक शिक्षक होंगे पंचायतों के अधीन, नियमावली लागू
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 15 Feb 2022 6:59 AM
झारखंड के सहायक शिक्षकों के लिए सेवा शर्त नियमावली जारी हो गयी है, इसके तहत अब प्राथिमक सहायक शिक्षक पंचायतों के अधीन होंगे. जिनके अध्यक्ष मुखिया होंगे.
Jharkhand Para Shikshak Niyamawali रांची: स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने झारखंड सहायक अध्यापक (पारा शिक्षक) सेवा शर्त नियमावली-2021 का संकल्प और अधिसूचना जारी कर दी है. पारा शिक्षक अब सहायक अध्यापक के नाम से जाने जायेंगे. यह नियमावली तत्काल प्रभाव से लागू की गयी है. इससे 62876 पारा शिक्षक लाभान्वित होंगे. नियमावली के तहत प्राथमिक सहायक अध्यापक (कक्षा एक से पांच के लिए नियुक्त) पंचायतों के अधीन होंगे.
इनका प्रशासनिक सह अनुशासनिक प्राधिकार पंचायत होगी तथा पंचायतस्तरीय प्राधिकार के अध्यक्ष मुखिया होंगे. वहीं, उच्च प्राथमिक सहायक अध्यापक (कक्षा छह से आठ के लिए नियुक्त) का प्रशासनिक सह अनुशासनिक प्राधिकार प्रखंड शिक्षा समिति होगी, जिसके अध्यक्ष पंचायत समिति के प्रमुख होंगे.
नयी नियमावली के तहत अब सहायक अध्यापक (पारा शिक्षक) का चयन नहीं होगा, बल्कि कार्यरत सहायक अध्यापक के खिलाफ शिकायत मिलने पर जांच कर उचित कार्रवाई की जायेगी. सहायक अध्यापकों के खिलाफ लघु व वृहद दंड का भी नियमावली में प्रावधान किया गया है.
नियमावली के तहत मानदेय वृद्धि, 60 वर्ष की आयु तक सेवा, आकलन परीक्षा के उपरांत मानदेय में वृद्धि, चिकित्सा अवकाश सहित अन्य अवकाश और योग्यता के आधार पर अनुकंपा का लाभ देने का प्रावधान किया गया है. इस नियमावली से संबंधित कर्मियों और उनके आश्रितों के जीवनकाल में सामाजिक सुरक्षा की प्रतिबद्धता रहेगी. उक्त संकल्प स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा के हस्ताक्षर से जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि सहायक अध्यापक की मानदेय वृद्धि एक जनवरी 2022 से लागू होगी.
नियमावली में कहा गया है कि स्नातक कोटि के प्रखंडस्तरीय व इंटरमीडिएट कोटि के पंचायतस्तरीय सहायक अध्यापकों के लिए अलग-अलग प्रशासनिक एवं अनुशासनिक प्राधिकार बनेगा. पूर्व के परिपत्रों से निर्धारित अर्हता के अनुरूप कार्यरत पारा शिक्षक जब तक सरकार द्वारा अन्यथा निर्णय नहीं लिया जाता है अथवा प्रशासनिक सह अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्रवाई नहीं की जाती है, तब तक बतौर सहायक अध्यापक 60 वर्ष की उम्र तक कार्य कर सकेंगे.
टेट उत्तीर्ण स्नातक प्रशिक्षित और इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक अध्यापकों को आकलन परीक्षा नहीं देनी होगी. एक जनवरी 2022 से इनके मानदेय में 50 प्रतिशत की वृद्धि की जायेगी. शेष प्रशिक्षित पारा शिक्षक, जो टेट उत्तीर्ण नहीं हैं, उनके मानदेय में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी.
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संतोषप्रद सेवा का सत्यापन होने पर चार फीसदी प्रति वर्ष की दर से मानदेय में वृद्धि अनुमान्य होगी
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पारा शिक्षक अब सहायक अध्यापक के नाम से जाने जायेंगे
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मानदेय वृद्धि, 60 वर्ष की आयु तक सेवा
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आकलन परीक्षा के बाद मानदेय में वृद्धि व चिकित्सा अवकाश का लाभ मिलेगा
Posted By : Sameer Oraon
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