Jharkhand Medical Counselling: JCECEB का सर्वर लगातार तीसरे दिन डाउन, च्वाइस फिलिंग को लेकर छात्रों की बढ़ी चिंता

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रांवी स्थित जेसीईसीईबी का दफ्तर और नीचे इनसेट में सर्वर डाउन. फोटो: प्रभात खबर

झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (JCECEB) की वेबसाइट का सर्वर लगातार तीसरे दिन डाउन रहने से नीट-यूजी 2026 के आधार पर राज्य के मेडिकल कॉलेजों में नामांकन लेने वाले अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ गई है. च्वाइस फिलिंग की अंतिम तारीख नजदीक आने से छात्रों की चिंता और बढ़ गई है.

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Jharkhand Medical Counselling: झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (JCECEB) की वेबसाइट का सर्वर सोमवार को लगातार तीसरे दिन डाउन रहने से नीट-यूजी 2026 के आधार पर राज्य के मेडिकल कॉलेजों में नामांकन लेने वाले अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ गई है. स्टेट मेडिकल काउंसलिंग के तहत जारी मेरिट लिस्ट के बाद अभ्यर्थियों को अपनी पसंद के मेडिकल कॉलेज और पाठ्यक्रम का विकल्प भरना है, लेकिन वेबसाइट में तकनीकी समस्या के कारण कई छात्र च्वाइस फिलिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं. अभ्यर्थियों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि च्वाइस फिलिंग की अंतिम तारीख 19 अगस्त 2026 निर्धारित है. ऐसे में छात्रों को डर है कि यदि समय सीमा से पहले सर्वर सामान्य नहीं हुआ, तो वे अपनी पसंद के कॉलेज और पाठ्यक्रम का विकल्प कैसे दर्ज कर पाएंगे.

नीट-यूजी 2026 के आधार पर शुरू हुई काउंसलिंग

JCECEB की ओर से नीट-यूजी 2026 के परिणाम के आधार पर झारखंड में स्टेट मेडिकल काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू की गई है. इसके तहत राज्य के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस और बीएचएमएस पाठ्यक्रमों में नामांकन होना है. पर्षद ने नीट-यूजी 2026 के परिणाम के आधार पर स्टेट मेरिट लिस्ट भी जारी कर दी है. जारी मेरिट लिस्ट में कुल 3227 छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया है. मेरिट लिस्ट के बाद अब काउंसलिंग प्रक्रिया के अगले चरण के रूप में च्वाइस फिलिंग की जा रही है.

वेबसाइट नहीं खुलने से च्वाइस फिलिंग प्रभावित

च्वाइस फिलिंग के दौरान अभ्यर्थियों को अपनी प्राथमिकता के अनुसार मेडिकल कॉलेज और पाठ्यक्रम का विकल्प दर्ज करना होता है. इसी आधार पर आगे सीट आवंटन की प्रक्रिया होती है. लेकिन सर्वर में तकनीकी समस्या के कारण अभ्यर्थी काउंसलिंग के लिए उपलब्ध लिंक के माध्यम से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं. कई अभ्यर्थियों का कहना है कि वे बार-बार वेबसाइट खोलने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन काउंसलिंग से संबंधित पेज नहीं खुल रहा है. इससे छात्रों को निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने को लेकर चिंता सता रही है.

शनिवार से आ रही तकनीकी समस्या

अभ्यर्थियों के अनुसार, JCECEB की वेबसाइट में शनिवार से ही परेशानी शुरू हो गई थी. काउंसलिंग के लिए उपलब्ध लिंक और संबंधित पेज कई बार प्रयास करने के बावजूद नहीं खुल रहा है. लगातार तीसरे दिन भी समस्या बने रहने से छात्रों की परेशानी और बढ़ गई है. छात्रों का कहना है कि च्वाइस फिलिंग काउंसलिंग का महत्वपूर्ण चरण है. यदि तकनीकी कारणों से वे अपनी पसंद दर्ज नहीं कर पाते हैं, तो इसका असर आगे होने वाले सीट आवंटन पर पड़ सकता है.

तकनीकी समस्या दूर करने में जुटा पर्षद

JCECEB की ओर से बताया गया है कि वेबसाइट के सर्वर में तकनीकी समस्या आई है और उसे दूर करने का काम जारी है. पर्षद के अधिकारियों के अनुसार, समस्या को जल्द ठीक कर लिया जाएगा. इसके बाद अभ्यर्थी सामान्य रूप से काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे. हालांकि, सर्वर कब तक पूरी तरह सामान्य होगा, इसे लेकर अभ्यर्थियों के बीच अभी भी चिंता बनी हुई है. आखिर सरकारी वेबसाइटों की सबसे पुरानी परंपरा, ठीक उसी वक्त जवाब देना जब उसकी सबसे ज्यादा जरूरत हो, यहां भी निभती दिख रही है.

19 अगस्त तक च्वाइस फिलिंग, 20 अगस्त को संशोधन

काउंसलिंग कार्यक्रम के अनुसार अभ्यर्थियों को 19 अगस्त तक च्वाइस फिलिंग करनी है. इसके बाद 20 अगस्त को च्वाइस फिलिंग में संशोधन का अवसर दिया जाएगा. ऐसे में सर्वर की समस्या जल्द दूर होना अभ्यर्थियों के लिए बेहद जरूरी है. इसके बाद 22 से 28 अगस्त तक सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया होगी. इसी अवधि में अभ्यर्थी प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड कर सकेंगे.

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23 से 28 अगस्त तक दस्तावेज सत्यापन

सीट आवंटन के बाद 23 से 28 अगस्त तक डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया निर्धारित है. इस दौरान अभ्यर्थियों के आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा. सीट मिलने के बाद नामांकन की आगे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए निर्धारित समय में दस्तावेज सत्यापन कराना जरूरी होगा. अब छात्रों की नजर JCECEB की वेबसाइट के सामान्य होने पर है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि 19 अगस्त की अंतिम तिथि से पहले तकनीकी समस्या दूर होती है या नहीं और यदि नहीं होती, तो अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय या किसी वैकल्पिक व्यवस्था का लाभ दिया जाएगा या नहीं.

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