ePaper

...तो खतरे में पड़ जायेगी अधिवक्ताओं की वकालत, इस महीने तक कराना होगा प्रमाण पत्रों का सत्यापन

Updated at : 07 Jul 2020 1:11 PM (IST)
विज्ञापन
...तो खतरे में पड़ जायेगी अधिवक्ताओं की वकालत, इस महीने तक कराना होगा प्रमाण पत्रों का सत्यापन

रांची : झारखंड के अधिवक्ताओं के लिए अपने प्रमाण पत्रों की जांच कराना अनिवार्य हो गया है. ऐसा नहीं करने पर उनका लाइसेंस खतरे में पड़ जायेगा. वे वकालत नहीं कर सकेंगे. राज्य के 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं की प्रैक्टिस खतरे में पड़ जायेगी. इन्हें एक मौका दिया गया है, ताकि वे अपने प्रमाण पत्रों की जांच करा सकें. इन्हें हर हाल में अगस्त 2020 तक अपने प्रमाण पत्रों की जांच करा लेनी होगी.

विज्ञापन

रांची : झारखंड के अधिवक्ताओं के लिए अपने प्रमाण पत्रों की जांच कराना अनिवार्य हो गया है. ऐसा नहीं करने पर उनका लाइसेंस खतरे में पड़ जायेगा. वे वकालत नहीं कर सकेंगे. राज्य के 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं की प्रैक्टिस खतरे में पड़ जायेगी. इन्हें एक मौका दिया गया है, ताकि वे अपने प्रमाण पत्रों की जांच करा सकें. इन्हें हर हाल में अगस्त 2020 तक अपने प्रमाण पत्रों की जांच करा लेनी होगी.

Also Read: Happy Birthday MS Dhoni : 39 के हुए महेंद्र सिंह धोनी, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन समेत अन्य दिग्गजों ने ऐसे किया बर्थडे विश

झारखंड के अधिवक्ताओं को प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराना होगा. ऐसा नहीं करने पर उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जायेगा. इतना ही नहीं इनकी वकालत पर भी रोक लगा दी जायेगी. झारखंड बार कौंसिल राज्य के अधिवक्ताओं को अंतिम मौका दे रहा है.

झारखंड बार कौंसिल से करीब 30 हजार अधिवक्ता रजिस्टर्ड हैं. इनमें से अभी तक 19 हजार अधिवक्ताओं ने ही अपने प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया है. बार कौंसिल सभी जिलों के बार एसोसिएशन को प्रमाणपत्र सत्यापन कराने के लिए पत्र भेजता रहा है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं कराया है.

Also Read: Coronavirus in Jharkhand LIVE Update : पिछले 24 घंटे में कोरोना के 62 नये मामले आये सामने, झारखंड में कोरोना संक्रमितों की संख्या हुई 2877

बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने सभी राज्यों के बार कौंसिल को अधिवक्ताओं के प्रमाण पत्रों‍ का सत्यापन कराने का निर्देश दिया है. इसके बाद झारखंड बार कौंसिल ने अधिवक्ताओं को आखिरी अवसर दिया है. इन्हें हर हाल में अगस्त तक प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराना होगा.

बार कौंसिल ऑफ इंडिया द्वारा देश के सभी विश्वविद्यालयों को राज्य की बार कौंसिल से भेजे गये प्रमाण पत्रों का महीनेभर में सत्यापन कर रिपोर्ट भेजने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने बार कौंसिल के वेरिफिकेशन रूल्स 2015 के तहत सभी बार कौंसिल को अधिवक्ताओं के प्रमाणपत्रों के सत्यापन को अनिवार्य बताया है.

Posted By : Guru Swarup Mishra

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola